ज्ञानियों ने डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया है, क्योंकि डॉक्टर ही वो शख़्स है, जो दोबारा जीवन दे सकता है, लेकिन उस कंडिशन में कोई व्यक्ति क्या करे जब वो गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो और उसका डॉक्टर इस बात से इंकार कर दे कि उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं है, तो ऐसे में क्या करना चाहिए बता रहा है ये युवक.

ये लड़का बताता है कि 2 वर्षों से उसे प्राइवेट पार्ट के आस-पास काफ़ी समस्या थी, उसने ये दिक्कत जब अपने डॉक्टर को बताई तो उसने इसे नार्मल सी सूजन बताकर टाल दिया. दिनों-दिन इस लड़के की समस्या बढ़ती गई और आख़िर इसे अपना डॉक्टर चेंज करना पड़ा. समस्या को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने इसे तुरंत CT भेज दिया.

जांच में मेरे मूत्राशय में 3 सेमी ट्यूमर था. एक हफ़्ते से भी कम समय में मैनें ख़ुद को अस्पताल के हॉल में बैठा हुआ पाया. TRUT के जरिए मेरे ट्यूमर का ऑपरेशन होना था. ये मेरे जीवन का सबसे कठिन समय था.

मैं इस समय बहुत नर्वस फ़ील कर रहा था. मैं पहली बार इस अस्पताल में आया था और ये मेरी ज़िदंगी की पहली सर्जरी थी.

अगली सुहब नर्स ने मुझे नींद से जगाया और कहा कि मेरी सर्जरी का समय आ गया है.

सर्जरी के वक़्त मुझे नींद के लिए ड्रग्स के इंजेक्शन दिए गए. इस वक़्त मैं काफ़ी पीड़ा से गुजर रहा था. मेरी समस्याओं से निज़ात दिलाने के लिए मुझे ICU भेज दिया गया.

जब मुझे होश आया, तो मैनें अपने सिर पर बहुत सारी दवाएं देखीं. एक नर्स ने मुझे ख़ुश करने के लिए मेरे सिर पर एक स्टार लटका दिया था, क्योंकि उस समय मैं बिल्कुल भी मूव नहीं कर सकता था.

अगली सुबह मुझे बुहत अच्छा लगा, लेकिन मुझे अभी दर्द निवारक दवाओं पर रखा गया था.

पहली बार मैनें नीचे देखने की हिम्मत की, लेकिन नीचे देखने के बाद मुझे अच्छा महसूस नहीं हुआ.

मेरी Girl Friend ने मुझे हिम्मत देने के लिए इज़राइली झंडा खड़ा किया. हम दोनों अस्पताल के सामने रहते थे. प्यार भरा ये ख़ूबसूरत लम्हा देखने के बाद मुझे रोना आ गया.

जब मुझे अच्छा महसूस होने लगा, तब तक ये किताब मेरी अच्छी दोस्त बन गई थी और ये पंसदीदा पुस्तकों में एक हो गई.

8 दिनों के बाद मेरी हेल्थ बेहतर हो गई. दर्द ख़त्म हो गया था और मैं पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत फ़ील कर रहा था.

अगले दिन डॉक्टर और नर्स मेडिकल रिपोर्ट के साथ पहुंचे. ट्यूमर को पूरी तरह से हटा दिया था. अब कोशिकाओं में कैंसर का कोई भी संकेत नहीं था. ये मेरी ज़िंदगी की सबसे अच्छी बात थी.

उस दिन मैं स्थानीय बीयर शॉप पर पहुंचा जहां का मैं डेली कस्टमर था. उन लोगों ने मुझे ख़़ुश करने के लिए Gingerbeer दी. कागज़ पर किए गए हस्ताक्षर बताते हैं कि 'जीवन में अनुभवों के दिल से पीयो' मानवता में मेरा विश्वास 9000 अंक से भी अधिक है.

दसवें दिन मुझे घर छोड़ दिया गया, फ़िर भी मैं थोड़ी उलझन में था. नई ज़िंदगी की शुरआत का संकेत देते हुए मैनें अपनी मूंछे मुढ़वा डाली.

एक महीना बीत जाने के बाद कुछ चीज़ें मेडिकल प्रोसेस में हैं, लेकिन मैं एक नए व्यक्ति की तरह महसूस करता हूं. मैं दूसरों को ख़ुश करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करुंगा क्योंकि उन्होंने मुझे जिंदा रहने के लिए नया मकसद दिया है.

Source : boredpanda