एक ग़लती कितनी महंगी पड़ सकती है, उसका जीता-जागता सुबूत है IANS की एक ख़बर का ये टुकड़ा.

Source: Twitter

IANS के न्यूज़ एजेंसी है और वहां किसी लेखक से ये भूल हो गई. भूल क्या हुई, ये आप पीएम मोदी के नाम के आगे लगे अपशब्द से समझ सकत हैं.

Twitter यूज़र निशांत सक्सेना ने ट्विटर पर ख़बर का Screenshot शेयर किया.

निशांत के Twitter Thread के अनुसार, कुछ देर बाद IANS ने एक एडवाइज़री जारी की और ख़बर को हटा लिया था.

Twitter Thread में ये भी कहा गया कि IANS के एक ब्यूरो चीफ़ ने रिज़ाइन कर दिया है, एक अन्य व्यक्ति को भी निलंबित किया जाएगा. ख़बर किसने फ़ाइल की है, इसकी जांच करने के लिए सीसीटीवी फ़ुटेज को भी चेक किया जा रहा है.

पॉलिटकल ब्यूरो चीफ़ ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है. न्यूज़लॉनड्री की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैनेजिंग एडिटर हरदेव सनोत्रा की ओर से प्रेस रिलीज़ भी जारी की गई जिसमें IANS की ओर से प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल किए गए अपशब्द के लिए माफ़ी मांगी गई.

प्रेस रिलीज़ में IANS ने लिखा 'प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई असंसदीय भाषा का IANS को ख़ेद है. ये माफ़ी लायक ग़लती नहीं है. जैसे ही हमें ग़लती का पता लगा, हमने ख़बर हटा ली. रिपोर्टर को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है. एडिटर को Show-Cause नोटिस भी जारी कर दिया गया है. संस्था के 25 साल से भी पुराने इतिहास में ऐसा पहली मर्तबा हुआ है.'

Source: Newslaundry

अब ये तो कहना मुश्किल है कि लिखने वाले ने भड़ास निकाली है या, ये 'Autocorrect' का किया-धरा है.