मुंबई में एक 40 वर्षीय महिला ने जसलोक अस्पताल के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करायी है. आरोप है कि उसके पति ने उससे इजाज़त लिए बगैर, इस अस्पताल की मदद से सरोगेसी के ज़रिये बेटा पैदा किया है.

महिला ने बताया कि Prakash Bhostekar बेटा पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. उनकी शादी को 18 साल हो गए थे, लेकिन वो उसे बेटा नहीं दे पाई थी. इसलिए उसने उसे और अपनी दो बेटियों (उम्र 14 और 4 साल) को घर से निकाल दिया. नौ महीने बाद उसे पता चला कि उसके पति के पास अब एक बेटा है, जिसे वो अवैध सरोगेसी द्वारा जसलोक अस्पताल से लाया है.

शुभांगी ने कहा, "उसे बस किसी भी कीमत पर बेटा चाहिए था. जब मैंने सरोगेसी के लिए सहमती नहीं दी, तो उसने मुझे छोड़ दिया. उसने अपनी दोनों बेटियों से भी पल्ला झाड़ लिया है. Dr. Firuza Parikh की निगरानी में ही ये सरोगेसी की गयी है, जिससे मेरी और मेरी बेटियों की ज़िन्दगी बर्बाद हो गयी है.

शुभांगी और प्रकाश कॉलेज में मिले थे और 1998 में उनकी शादी हुई थी. प्रकाश बेटियों के जन्म के बाद से ही शुभांगी को प्रताड़ित कर रहा था. उसने अवैध लिंग परीक्षण करा कर दो बार शुभांगी का गर्भपात भी कराया. प्रकाश ने 2014 में IVF के ज़रिये भी बेटा पाने की कोशिश की थी.

एक शादीशुदा व्यक्ति अपने साथी की सहमती के बगैर, सरोगेसी का इस्तेमाल नहीं कर सकता. इसलिए प्रकाश ने फर्जी एफ़िडेविट बनवा कर खुद को सिंगल दिखाया.

इस पर प्रकाश ने कहा कि उससे ऐसा गलती से हो गया है. उसने अपनी बीवी पर अवैध सम्बन्ध बनाने का इलज़ाम लगाया. उसने कहा कि जब उसने दस्तावेज़ों में खुद को सिंगल दिखाया था, तब वो शुभांगी के साथ नहीं रह रहा था. अस्पताल को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्हें बेवजह इसमें घसीटा जा रहा है.

शुभांगी के वकील ने जसलोक अस्पताल को शुभांगी को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए नोटिस भेजा है. शुभांगी ने दस करोड़ रुपये के मुआवज़े की भी मांग की है.

Source: Mid-day