भारतीय हिमालय की चोटी पर लद्दाख में स्थित है 15वीं सदी का बौद्ध भगवान को समर्पित Thiksey Monastery (थिकसे मठ). यहां पर बच्चे बाल बौद्ध भिक्षुओं के रूप में शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करने आते हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि बौद्ध भिक्षु के रूप में ये बच्चे अन्य आम बच्चों से अलग व्यवहार करते होंगे, तो शायद आप गलत हैं. हां, ये बात अलग है कि बौद्ध धर्म के हिसाब से इनका परिधान लाल रंग होता है और शिक्षा-दीक्षा भी. मगर ऐसा नहीं है कि ये बच्चे खेलते-कूदते और मस्ती नहीं करते हैं.

यहां लद्दाख में स्थित थिकसे मठ के भीतर और बाहर बाल बौद्ध भिक्षुओं की कुछ ऐसी जानदार तस्वीरें हैं, जिन्हें देखते ही आपके चेहरे पर मुस्कान छा जाएगी.

1. थिकसे मठ परिसर में अपनी पढ़ाई के दौरान कुछ फुर्सत के पल को जीते बाल भिक्षु.

2. भगवान बुद्ध के अवशेषों के प्रतीक के तौर पर बना शांति स्तूप लद्दाख के लेह क्षेत्र में स्थित है, जो एक चोटी पर खड़ा है.

3. लद्दाख के थिकसे मठ में अपनी पढ़ाई से थोड़ा ब्रेक लेकर प्रकृति के नज़ारों को निहारता एक बाल भिक्षु.

4. हंसता हुआ नुरानी चेहरा- स्कूल टाइम में खिलखिला कर हंसता हुआ एक बाल भिक्षु.

5. लद्दाख के लेह शहर के ऊपर लहराता प्रार्थना झंडा.

6. थिकसे मठ में स्थित भगवान बुद्ध की ये विशाल प्रतिमा दर्शनार्थियों के मन को सुकून पहुंचाती है.

7. अपनी पढ़ाई में पूरी तरह से लीन बाल भिक्षु.

8. मठ के भीतर भगवान बुद्ध के मंदिर से झांकता एक बाल भिक्षु.

9. स्कूल में इन बच्चों की ये मनमोहक तस्वीर.

10. मठ में ब्रेक मिलते ही आम बच्चों की तरह ही दौड़ पड़ा ये बाल भिक्षु.

11. जब पढ़ाई से ब्रेक मिलता है, तो ये बाल भिक्षु भी आम बच्चों की तरह ही खेलते-कूदते हैं.

12. ये सभी बाल भिक्षु इस थिकसे मठ परिसर के घरों में रहते हैं, जो भारतीय क्षेत्र लद्दाख में स्थित है.

Source: Indiatimes
All images source: REUTERS/CATHAL MCNAUGHTON