अमृतसर में कुल 29 जगहों पर दशहरे के अवसर पर रावणदहन हुआ था, जिसमें से मात्र 4 के पास अमृतसर नगर निगम की मंज़ूरी थी. बाकि के 25 कार्यक्रम अवैध रूप से संपन्न हुए थे. जिस जगह पर रेल दुर्घटना हुई थी, उस जगह पर भी नगर निगम ने कार्यक्रम को मंज़ूरी नहीं दी थी.

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नगर निगम के एक अधिकारी ने The Indian Express को बताया कि निगम ने छेहरता, भद्र काली, फ़ोकल पॉइंट और हरिपुर में दशहरा कार्यक्रम की मंज़ूरी दी थी. एेसे कार्यक्रमों के लिए नगर निगम के Estate Officer की मंज़ूरी अनिवार्य है.

अमृतसर नगर निगम की कमिशनर सोनाली गिरी ने कहा,'हम तमाम दशहरा समिति के आयोजकों के ख़िलाफ़ कार्यवाही करेंगे, जिन्होंने नगर निगम से मंज़ूरी नहीं ली, इसमें धोबी घाट में हुआ आयोजन भी शामिल है.'

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हालांकि स्थानीय अधिकारी और पुलिस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा कर अपने विभाग को साफ़ पता रहे हैं.

अधिकारियों ने कहा कि नियमों के मुताबिक, दशहरा समिति को नगर निगम, पुलिस, सामाजिक कार्य और स्वास्थय विभाग से मंज़ूरी लेने के बाद ज़िला अधिकारी से अंतिम मंज़ूरी लेनी होती है.

अमृतसर के ज़िला अधिकारी कमलदीप सिंह संघा ने The Indian Express को बताया कि ऐसी कार्यकर्मों की अंतिम मंज़ूरी के लिए ज़िला अधिकारी की ज़रूरत नहीं होती.

उन्होंने आगे कहा-

अमृतसर में पुलिस कमिशनर वाली व्यवस्था है इसलिए पुलिस को ही सभी अनुमति देनी होती है. पुलिस के पास अनुछेद 144 लगाने का भी अधिकार होता है. यहां तक कि हथियार रखने का लाइसेंस भी पुलिस कमिशनर ही जारी करते हैं न कि ज़िला अधिकारी. धोबी घाट में हुए कार्यक्रम की मंज़ूरी में हमारा कोई काम नहीं है.'

अधिकारियों के अनुसार दशहरा समिति को पुलिस की ओर से NOC (No Objection Certificate) इस आधार पर मिला थ कि वो पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशानुसार, लाउडस्पीकर और हथियार नहीं रखेंगे.

पुलिस के अनुसार धोबी घाट पर हुए आयोजन के व्यवस्थापक कांग्रेस नेता सौरब मिठ्ठु मदान थे और इस घटना के बाद से वो फ़रार है. एक वीडियो में सौरब ने कहा कि उसके पास सभी विभागों की मंज़ूरी थी और वो इस घटना को 'प्राकृतिक आपदा' बता रहा है.

वीडियो में उसने कहा,

'ये एक प्राकृतिक आपदा है, इसके लिए किसी को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता... हमाने मंच से 5-10 बार रेलवे ट्रैक को खाली करने की अपील भी की थी.'

हालांकि नगर निगम अध्यक्ष गिरी ने मदन के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा कि वो सभी आयोजकों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवायी की शुरुआत करने की तैयारी में लगे हुए है.

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