हरियाणा से एक बेहद ही आजीबोगरीब ख़बर सामने आई है. पिछले दो हफ़्तों में मेवात क्षेत्र के गांवों में रहस्यमयी तरीके से महिलाओं की चोटियों के काटे जाने के कम से कम 15 मामले सामने आ चुके हैं. इस अजीबोगरीब घटना से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है. ग्रामीणों के मुताबिक, बेहद रहस्यमय तरीके से महिलाओं की चोटी कटने के बाद अधिकतर महिलाएं बेहोश हो जाती हैं. गांव के ग्रामीण इस घटना को भगवान, भूत-प्रेत और चुड़ैलों का खेल बता रहे हैं.

हलांकि पुलिस ने ग्रामीणों के इन दावों को ख़ारिज करते हुए, घटना को असामाजिक तत्वों का काम बताया है. वहीं बीते रविवार को गुरुग्राम से भी एक ऐसी ही घटना सामने आई है. अशोक विहार फ़ेज 3 की रहने वाली सुनीता देवी ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई की रात जब वो घर पर अकेली थीं, तभी अजीब से दिखने वाले एक शख़्स ने उन पर हमला कर दिया.

सुनीता ने आगे बताया, 'उस रात जब मैं रसोई में खाना बना रही थी, तभी मेरी नज़र घर के प्रवेश द्वार पर पड़ी और मैंने द्वार के बीचों-बीच एक शख़्स को खड़े हुए देखा, उस व्यक्ति ने लाल और पीले रंग के कपड़े पहन रखे थे. उस अजीब से दिखने वाले शख़्स के हाथ में त्रिशूल भी था. मैंने दरवाज़े पर जाकर उससे पूछताछ की और उसे वहां से जाने के लिए कहा. उस वक़्त तो वो वहां से गायब हो गया, लेकिन थोड़े समय बाद वो फिर वहां दिखा.' सुनीता के मुताबिक, इससे पहले कि वो कुछ भी समझ पाती, वो बेहोश हो गई और वो जब होश में आई तो उसने ख़ुद को फ़र्श पर पड़ा हुआ पाया और उसकी चोटी कटी हुई थी.

बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए ग्राम पंचायत ने महिलाओं को चोटी बानने के बजाए, जूड़ा बनाए रखने की सलाह भी दी है. आए दिन घटित हो रही इन घटनाओं से गांव की महिलाएं सदमें में हैं. भूत-प्रेत और दैवीय प्रकोप का डर महिलाओं पर इस कदर हावी हो चुका है कि वो घर से बाहर कदम रखने में भी घबरा रही हैं.

वहीं मेवात के पुलिस अधीक्षक नज़नेन भसीन ने कहा, 'हमने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. घटना के पीछे किसी गिरोह का हाथ हो सकता है. इस मामले में बाड़मेर ज़िले से दो लोगों को गिरफ़्तार भी किया था, लेकिन वो इसमें शामिल नहीं थे.' इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से किसी तरह की अफ़वाह न फ़ैलाने का निवेदन भी किया है.

ये पहला ऐसा मामला नहीं, पहले भी इस तरह की कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. आपको याद होगा कि 2001 में 'Monkey Man' ने भी ख़ूब अतांक मचाया था.