हिंदुस्तान की बहुत सी ऐसी संस्थाएं हैं जो सिर्फ़ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बेसहारा बच्चों का सहारा बन उनकी मदद करती हैं. एक ऐसी ही संस्था अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन ने भी लंदन में अपनी पहली रसोई स्थापित की है.

अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन, भारत की एक ग़ैर सरकारी संस्था है, जो कि बच्चों को मिड-डे मील सर्व करने का काम करती है. ये संस्था पिछले दो वर्षों में अब तक भारत के 1.6 मिलियन स्कूली बच्चों के मिड-डे मील के लिए फ़ंड एकत्रित कर चुकी है. वहीं उसका अगला लक्ष्य ब्रिटेन में बच्चों की सहायता करना है. बच्चों को शाकाहारी भोजन मुहैया कराने के साथ-साथ ये फ़ाउंडेशन अब स्कूली बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्पताल के रेगियों की सहायता कि भी योजना बना रही है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में पांच लाख से अधिक बच्चे ऐसे हैं, जो भूखे पेट स्कूल जाते हैं और करीब 70 हज़ार बच्चे अकेले रहते हैं. ये आंकाड़ा काफ़ी चौंकाने वाला है.

ख़बरों के अनुसार, अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन की तरफ़ से Holborn बिल्डिंग के 2,000 Square फ़ुट तक फैले बेसमेंट में रसोई का निर्माण किया गया है. किचन और खाने की देख-रेख का ज़िम्मा यूके की चैरिटी के पास होगा, जो कि गरीबों को उबली हुई सब्ज़ियां, पास्ता, दलिया आदि जैसे करीब 2 हज़ार तरह की पौष्टिक डिशेज़ खिलाने का काम केरगी.

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इसके लिए उन्होंने 'Food For All' से पार्टनरशिप भी की है, ताकि लंदन में बिना घर के रह लोगों से लेकर SOAS (School of Oriental and African Studies) और LSE (London School of Economics) तक, सभी गरीब बच्चों को खाना पहुंचाया जा सके.

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अक्षय पात्र के यूके प्रोजेक्ट के Manufacturing हेड 'Food For All' के फ़ाउंडर Parasuram Das है, जो कि हर शाम Supermarkets का दौरा कर, खाने के लिए ज़रूरी सामान खरीदने का काम करते हैं. इतना ही नहीं, इस नेक काम के लिए उन्हें यूके की Indian supermarkets के होलसेलर से फ़ंड भी मिला है.

कितनी अजीब बात है न कि हममें से न जानें कितने लोग हर रोज़ बहुत सारा खाना बर्बाद कर देते हैं और वहीं दुनियाभर में कितने ही लोग ऐसे हैं, जिन्हें एक वक़्त का खाना भी नसीब नहीं होता. फ़िलहाल एक बेहतरीन सोच और नेक काम की शुरूआत के लिए, अक्षय पात्र फ़ाउंडेशन को ढेर सारा प्यार.

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