इस वक़्त ज़्यादातर घरों में करवाचौथ की तैयारियां चल रही हैं. करवाचौथ का व्रत पत्नियां अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करते हुए रखती हैं. इस व्रत में पत्नी चांद निकलने तक पानी भी नहीं पीती. आज हम आपको बता रहे हैं कि भारतीय मर्द इस व्रत के बारे में क्या सोचते हैं.

इससे जुड़े एक सर्वे में पाया गया है कि ज़्यादातर मर्द अपनी लम्बी आयु के लिए उनकी पत्नियों के भूखे-प्यासे रहने के ख़िलाफ़ हैं. ये सर्वे मैट्रिमनी साइट 'शादी डॉट कॉम' द्वारा कराया गया था. इसका मकसद करवाचौथ के बारे में मर्दो के विचार जानना था.

www.shaadi.com हर साल #Fastforher कैम्पेन भी चलाता है, जिसमें मर्दों को भी पत्नी की लम्बी आयु के लिए व्रत रखने को प्रेरित किया जाता है, ताकि रिश्ते में बराबरी बनी रहे. पिछले तीन सालों में पांच लाख लोग इस कैम्पेन से जुड़े. इससे ज़ाहिर है कि लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है.

जब मर्दों से पूछा गया कि क्या वो भी अपनी पत्नी के लिए करवाचौथ रखना चाहेंगे, तो 61 प्रतिशत मर्दों का जवाब 'हां' था. 39 प्रतिशत ने इसका जवाब 'न' में भी दिया, लेकिन 93 प्रतिशत मर्दों ने कहा कि वो नहीं चाहते कि उनकी बीवी उनके लिए भूखी प्यासी रह कर ये व्रत करे. वो चाहते हैं कि इस त्यौहार को किसी बेहतर तरीके से मनाया जाये.

जब पतियों से पूछा गया कि वो किस तरह करवाचौथ मनाना चाहेंगे, तो 50 प्रतिशत का कहना था कि वो इस दिन छुट्टी लेकर अपने साथी के साथ अच्छा वक़्त बिताना चाहेंगे. 23 प्रतिशत ने कहा कि वो इस दिन एक रोमांटिक कैंडल लाइट डिनर पर जाना चाहेंगे और 8 प्रतिशत ने कहा कि वो छुट्टी मानना चाहेंगे.