शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो, जब हमें महिलाओं के साथ बलात्कार और उत्पीड़न की ख़बरें पढ़ने-सुनने को न मिलती हों. इस मुद्दे पर देश के नेता भले ही ऊंट-पटांग बयान देते नज़र आते हों, लेकिन ब्रिटेन की भारतीय महिलाओं ने इसे लेकर पीएम मोदी के समक्ष एक नया प्रस्ताव रखा है.

Source : Indiatimes

पिछले हफ़्ते UK की द्विपक्षीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी के सामने Ladies in the United Kingdom (ILUK) ने प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव में मोदी सरकार की लोकप्रिय योजना 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' में मौलिक परिवर्तन करते हुए, उसका नाम 'बेटा पढ़ाओ, बेटी बचाओ' रखा गया है. इस नई योजना का मतलब ये है कि बेटियों को बचाने के लिए, बेटों को पढ़ाना ज़रूरी है.

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NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं ने पीएम मोदी को संदेश भरा एक बॉक्स भी प्रस्तुत किया, जो कि इस समूह की पहल को दर्शाता है. वहीं पीएम मोदी महिलाओं की इस नेक पहल से काफ़ी प्रभावित नज़र आये, उन्होंने मध्यप्रदेश में आयोजित चुनावी रैली के दौरान इस बात का ज़िक्र भी किया.

वहीं ILUK की नेता पूनम जोशी ने कहा, 'भारतीय होने के नाते हम प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व करते हैं. इसके साथ ही हम उनके काम से भी काफ़ी प्रभावित हैं, फिर चाहे वो स्वच्छ भारत अभियान हो, या देश की बच्चियों की परिस्थियों में सुधार.'

आगे उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में कई चुनौतियां देखी हैं. इसीलिये ज़रूरी है कि हम पीएम मोदी का समर्थन करें और उनके साथ मिलकर काम करें.

ब्रिटेन में मौजूद भारतीय महिलाओं की इस नेक पहल के लिए उन्हें शुक्रिया, लेकिन काश! ये बात Rape पर भद्दे कमेंट करने वाले नेताओं को भी समझ आ जाती.