बच्चों के लिए मां का दूध किसी अमृत से कम नहीं है और ये अगर नहीं मिले तो बच्चे कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. नवजन्में बच्चों को इन्ही बीमारियों से बचाने के लिए राजस्थान की एक संस्था ने अनोखी पहल चलाई है.

भीलवाड़ा से 150 किलोमीटर दूर अजमेर में मां के दूध की सप्लाई शुरू की जा रही है. इस सप्लाई को 'The Green Corridor' नाम की संस्था अपनी वैन्स द्वारा करेगी. दूध सही रहे इसके लिए वैन्स को 20 डिग्री तापमान पर रखा जा रहा है.

भीलवाड़ा से अजमेर की दूरी करीब 150 किलोमीटर है. इस बीच बिना रुके इन वैन्स को चलाने के लिए पुलिस की सहायता ली जा रही है. पुलिस की एक जीप इस वैन के आगे चलेगी और ट्रैफ़िक की वजह से होने वाली देरी को ख़त्म किया जाएगा.

इस दौरान अधिकारी GPS के ज़रिए वैन पर पूरी तरह से नज़र बनाए रहेंगे. बताया जा रहा है कि भीलवाड़ा में एक कैम्पेन के दौरान करीब 62 लीटर मां के दूध को एकत्रित किया गया है. जिसे अजमेर में नवजात और छोटे बच्चों को पिलाने के लिए लाया जा रहा है.

राजस्थान में मां के दूध को एकत्रित करने के लिए 11 अलग-अलग शहरों में बूथ बनाए गए हैं. लेकिन अजमेर में एक भी बूथ न होने की वजह से वहां के लिए दूध भीलवाड़ा से मगाया जा रहा है. The Green Corridor संस्था अकसर हॉस्पिटल्स में ऑर्गन पहुंचाने का काम करती है. उसके लिए भी ये पहला वाकया है, जब वो मां के दूध की सप्लाई कर रही है.

ये सफ़र कठिन ज़रूर है, लेकिन नवजात बच्चों के लिए मां के दूध की पूर्ती काफ़ी ज़रूरी और इसके लिए The Green Corridor और पुलिस द्वारा उठाया जा रहा ये कदम काबिले तारीफ़ है.

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