हमारे देश की पुलिस अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती है, लेकिन इनमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने काम के साथ इंसानियत का धर्म भी निभाते हैं. ऐसे ही चंद लोगों में सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) प्रमोद पासवान भी आते हैं. दरसअल, वर्तमान में वो झारखंड East Singhbhum Gudabanda पुलिस स्टेशन में अपनी सेवा दे रहे हैं.

आम जनता की रक्षा के साथ-साथ प्रमोद स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम भी करते हैं, बस उनकी यही ख़ासियत उन्हें औरों से अलग बनाती है. अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद वो Hatiapada, Madhya Vidyalaya जाकर छात्रों को मैथ्स पढ़ाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ये जगह नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाती है, पर अपनी जान की परवाह न करते हुए, उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए ये निर्णय लिया.

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में हर वक़्त आशांति के डर को देखते हुए, यहां की शिक्षा प्रणालियों में गंभीर कमी है. यही वजह है कि प्रमोद ने छात्रों को पढ़ाने का ज़िम्मा उठाया. ANI से बात करते हुए वो कहते हैं कि 'हमारे पास जो भी विद्या है, हमें उसे छात्रों में बांटनी चाहिए. मुझे जब भी समय मिलता है, मैं यहां पढ़ाने आ जाता हूं. मुझे विश्वास है कि अगर यहां का हर एक बच्चा शिक्षित होगा, तो नक्सल की समस्या ख़त्म हो जाएगी.'

Youtube पर अपलोड किये गए इस वीडियो में आप प्रमोद को स्कूल के छात्रों को BODMAS पढ़ाते हुए देख सकते हैं, उनका मानना है कि इस तरह छात्रों को मैथ्स की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी.

वाकई एक होनहार पुलिस अफ़सर और इंसानियत की मिसाल प्रमोद पासवान को सलाम!

Source : TheBetterIndia