कुछ दिन पहले मैंने एक शॉर्ट फ़िल्म देखी थी ‘Seal’. इस फ़िल्म में एक लड़की को शादी की पहली सुबह वर्जिनिटी टेस्ट से गुज़रना पड़ता है, लेकिन इस प्रथा से लड़ते हुए इसमें उसका पति साथ देता है.

ऐसा ही कुछ जो शॉर्ट फ़िल्म में हुआ था, वो असल ज़िंदगी में हुआ है. महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ में. जहां कंजरभाट समुदाय की लड़कियों को शादी की पहली रात 'वर्जिनिटी टेस्ट' से गुज़रना पड़ता है. इस टेस्ट के दौरान लड़की को शादी की पहली सुबह अपनी बेडशीट चेक करानी होती है. अगर बेडशीट पर ब्लड का निशान नहीं मिलता है तो लड़की वर्जिन नहीं है और इस शादी को ये समुदाय अवैध करार दे देता है.

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इसी कुकृत्य और अपने समुदाय के ख़िलाफ़ 23 साल की ऐश्वर्या तमाईचीकर ने आवाज़ उठाई तो उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया गया. यहां तक कि उसे नवरात्रि के डांडिया समारोह में भी जाने से रोका गया. ऐश्वर्या के साथ इस लड़ाई में उनके पति भी शामिल हैं.

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आपको बता दें कि इस वर्जिनिटी टेस्ट को रोकने के लिए दिसम्बर 2017 में एक अन्य महिला ने ‘Stop the V-Ritual’ कैंपेन शुरू किया था, लेकिन इस साल इस कैंपेन ने तूल तब पकड़ा जब ऐश्वर्या और उनके पति ने इस रिवाज का विरोध किया. उन्होंने पंचायत के सदस्यों को बेडशीट दिखाने से इनकार कर दिया. मई में पंचायत ने इस जोड़े का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया ता. जून में वो एक शादी में शामिल होने गई थी, वहां उसके ऊपर हमला हुआ. इस घटना के बाद ऐश्वर्या ने केस दर्ज कराया था और पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे.

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ये मामला दोबारा गंभीर तब हुआ जब ऐश्वर्या को हाल ही में जाट पंचायत द्वारा आयोजित एक डांडिया समारोह में जाने से रोक दिया गया. ऐशवर्या बताती हैं कि, 'पिछले दिनों मैं पिंपरी के एक डांडिया समारोह में हिस्सा लेने गई तो वहां जाते ही संगीत बंद हो गया. उनकी मां वहां आईं और उनसे वहां से जाने को कहा. मैं पंडाल के पीछे आई, लेकिन फिर भी संगीत शुरू नहीं हुआ. एक वृद्ध व्यक्ति ने घोषणा की कि अब डांडिया का समारोह तभी शुरू होगा जब कुछ लोग पंडाल के बाहर जाएंगे. उस समय वहां लगभग चार सौ लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी मेरे समर्थन में नहीं आया. मैंने जैसे ही पंडाल छोड़ा संगीत शुरू हो गया. इससे साफ़ है कि समुदाय ने मेरा बहिष्कार कर दिया है.'

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इसके बाद ऐश्वर्या ने पिंपरी थाने में तहरीर देकर आठ लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई. सभी आरोपी जाट पंचायत के सदस्य हैं. इनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने महिला को समुदाय से बहिष्कार करने का फ़रमान सुनाया. एसीपी सतीश पाटिल ने कहा कि कंजरभाट समुदाय के सदस्य सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ सामाजिक बॉयकॉट (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2016 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश जारी है.

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वैसे अगर देखा जाए तो ये बहुत ही सतही बात है कि अगर निशान नहीं दिखा तो लड़की वर्जिन नहीं है, ऐसा नहीं होता है, Hymen कभी-भी ब्रेक हो सकता है. क्योंकि आज कल हर क्षेत्र में सक्रिय हैं. इसलिए निशान होने का एक कारण उनकी द्वारा की जाने वाली एक्टिविटी भी हो सकती है, जैसे साइकलिंग, स्पोर्ट्स. इन लोगों को शिक्षित होने की ज़्यादा ज़रूरत है.

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इस रिवाज़ के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाली ऐश्वर्या ने साबित कर दिया कि ये कलयुग है सतयुग नहीं. यहां अग्निपरीक्षा लेना बहुत मुश्क़िल है. आज हम उस दौर में हैं जहां हम सब शिक्षित हैं और सही-ग़लत जानते हैं, तो ऐश्वर्या के इस क़दम में हम सबको उसका साथ देना चाहिए और इस कैंपेन ‘Stop the V-Ritual’ के समर्थन में जमकर आवाज़ उठानी चाहिए.