राजस्थान में शूटिंग के दौरान 'पद्मावती' के सेट पर करणी सेना से जुड़े लोगों ने निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ मार-पीट की. इस मार-पीट और सेट पर तोड़-फोड़ के पीछे करणी सेना के लोगों का मानना था कि इस फ़िल्म में करणी माता को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. फ़िल्म की रिलीज़ से पहले ही कहानी जाने बगैर इस तरह की दलील देना हास्यास्पद लगता है.

करणी सेना की इस हरकत पर पूरे बॉलीवुड ने मिल कर इस घटना की निंदा की. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने इस घटना का विरोध करने के लिए अपने नाम के साथ कुछ समय के लिए 'राजपूत' हटा दिया था.

ख़ैर, अब ये बात पुरानी हो चुकी है, पर हाल ही में इंडिया टुडे के एक स्टिंग ऑपरेशन ने इस विवाद की सच्चाई को सबके सामने ला कर रख दिया है. इस स्टिंग को करने के लिए चैनल के कुछ पत्रकार करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने राजपूत राजकुमारी और मुग़ल शासक औरंगज़ेब के बीच एक काल्पनिक प्रेम को ले कर फ़िल्म बनाने प्रस्ताव रखा.

सुखदेव ने इस बाबत मुंबई में उनके साथी उमेद सिंह से बात करने के लिए कहा. इसके साथ ही सुखदेव ने कहा कि वो हमारे संगठन का एक अहम सदस्य है, जो आपको इससे संबंधी जानकारी देगा. अगले दिन जब पत्रकार उमेद सिंह से मिले, तो उसने बिना बात को घुमाये-फिराए मुद्दे की बात की और कहा कि 'फ़िल्म के स्टेज पर कुछ बाहर के लोग आएंगे और कुछ लोगों से मार-पीट करेंगे, पर वो सेट को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. इस सारी घटना का वो वीडियो बनाएंगे और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उसे फैलाएंगे, जिससे फ़िल्म रुक जाएगी.'

इसके बाद उमेद ने कहा कि 'यदि आपको ऐसे लोगों से सुरक्षा चाहिए, तो आप हमें 1.5 करोड़ रुपये दे दीजिये, जिससे हमारे 50-60 लोग आपके यहां पहुंच कर सेट और लोगों की हिफ़ाज़त करेंगे.'

इस इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के आने के बाद इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने लाइव डिबेट के दौरान करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह को आड़े हाथ लिया. इसके साथ ही राहुल ने कहा कि ये सब कुछ नहीं, बस 1.5 करोड़ का खेल है, जिसके ज़रिये करणी सेना खुलेआम अपनी दुकान चला रही है.