जेब खाली हो फिर भी मना करते नहीं देखा, मैंने पिता से अमीर इंसान नहीं देखा. (गुलज़ार)

एक पिता के संघर्ष, बलिदान और प्यार का ज़िक्र चंद शब्दों में बंया नहीं किया जा सकता. अब केरल के इस पिता को ही ले लीजिए, जिसने अपने बच्चों की ख़ुशी के लिये ऑटो रिक्शा बना डाला. हम बात कर रहे हैं अरुण कुमार पुरुषोत्तम की, जो अपने इस अनोखे कारनामे की वजह से सोशल मीडिया पर ख़ूब तारीफ़ें बटोर रहे हैं.

कमाल की बात ये है कि बच्चों के लिये बनाया गया ये ऑटो, असली ऑटो की तरह सड़क पर दौड़ता भी है. इसके साथ ही लोगों को ये ऑटो इतना पसंद आ रहा है कि उन्होंने इसका नाम 'क्यूट ऑटो रिक्शा' रख दिया.

क्यों और कैसे बनाया ऑटो?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुरुषोत्तम को ये मिनी ऑटो तैयार करने में 7 महीने का समय और कुल 15 हज़ार रुपये ख़र्च करने पड़े.

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आख़िर अरुण को ऑटो बनाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?

दरअसल, अरुण का 5 वर्षीय बेटा 1990 में आई म्यूज़िकल फ़िल्म 'ऐ ऑटो' का बहुत बड़ा फ़ैन है, जिस वजह से उन्होंने बेटे को ख़ुश करने के लिये हकीक़त में ऑटो तैयार कर डाला.

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अरुण बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें गाड़ियों से काफ़ी लगाव है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की वजह से वो गाड़ी नहीं ख़रीद सके. अरुण के पिता एक कारपेंटर थे, जिस वजह से उन्होंने बचपन में उन्हें एक साइकिल बना कर भी दी थी, जिसमें लड़की के पहिए लगे हुए थे. अरुण ने गाड़ी बनाने का हुनर अपने पिता से सीखा है, जिनके औज़ारों को इस्तेमाल कर उन्होंने कई खिलौने तैयार किए.

ऐसा पहली बार है जब पुरुषोत्तम ने किसी खिलौने का वीडियो यू-ट्यूब पर पोस्ट किया. वो कहते हैं कि सुंदरी (मिनी ऑटो) की डिमांड को देखते हुए, वो खाली समय में और ऑटो बना कर बेचने की कोशिश करेंगे.

पुरुषोत्तम की कारीगिरी और उनके बच्चों के चेहरे पर झलकती ख़ुशी आप इस वीडियो में देख सकते हैं:

Source Indiatoday