ये एक चौंकाने वाली खबर है, जो कई सवाल खड़े करती है. केरल में एक 60 वर्षीय आदमी को अपनी 10 साल की पोती के साथ यौन शोषण करने के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार किया गया है. आपको बता दें कि उस मासूम ने केरल के कोल्लम जिले में स्थित अपनी मां के घर में 15 जनवरी को खिड़की से लटक कर जान दे दी.

Representational Image | Source: Reuters

Mumbai Mirror की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये 60 वर्षीय विक्टर थॉमस पिछले एक साल से अपनी 10 साल की नवासी का यौन शोषण कर रहा था. इसके अलावा पूछताछ से ये भी पता चला कि आरोपी ने कई और बच्चों का भी यौन शोषण किया है.

Representational Image | Source: funbuzztime

इस केस ने पुलिस को पिछले कई महीनों से काफ़ी परेशान कर रखा था. आइये नज़र डालते हैं इस मामले से जुड़े कुछ अहम तथ्यों पर:

लेकिन बच्ची की ऑटोप्सी रिपोर्ट से ये बात सामने आई थी कि उसके साथ बुरी तरह से मार-पीट और बलात्कार किया गया था. इतना ही नहीं उसकी बॉडी पर 20 से भी ज़्यादा चोट के निशान थे. इसके बाद ही पुलिस इस केस को आत्महत्या के बजाये हत्या मानकर इसकी तहकीकात करने में जुट गई थी.

हाल ही मार्च में बच्ची के पिता रिपोर्ट्स को सार्वजनिक करते हुए यह दावा किया कि उसने पहले ही बच्ची के साथ उसकी मां के घर में हो रहे यौन शोषण का आरोप लगाया था. साथ ही उसने जांच की मांग भी की थी.

New Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स आने के बाद कोल्लम में बड़े पैमाने पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इन विरोध प्रदर्शनों में लोगों ने आलोचनाओं के साथ पुलिस की क्षमता पर भी सवाल उठाये. सीपीएम और इसके युवा दल डीआईएफआई ने कुंडारा पुलिस स्टेशन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही पीड़ित के परिवार वालों ने पुलिस पर लापरवाही और ढंग से जांच न करने के आरोप भी लागए.

Women participating at a rally against rape | Source: Reuters (File Photo)

Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, केरल सरकार ने इस केस से सम्बंधित दो ऑफ़िसर्स को लापरवाही बरतने के लिए और केस की सही से छानबीन न करने के लिए सस्पेंड कर दिया. पुलिस के मुताबिक़, उन्होंने पहले लड़की के नाना द्वारा यौनशोषण का संदेह जताया था, लेकिन जब पीड़ित की मां ने किसी भी तरह का सहयोग करने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने इस शक़ पर कोई एक्शन नहीं लिया. साथ ही पीड़ित की मां ने यौन शोषण के आरोपों से भी इनकार किया.

ऑटोप्सी रिपोर्ट, जिससे इस बात का खुलासा हुआ कि बच्ची की बॉडी पर कई चोटों के निशानों के साथ ही जबरन सेक्स के सबूत मिले थे, के आने के बाद नौ लोगों को इस केस के लिए गिरफ़्तार किया गया, जिसमें बच्ची के नाना, मां, पिता, और कुछ रिश्तेदार और पड़ोसी ने नाम शामिल है.

TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की बड़ी बहन जो अब 15 साल की है, के साथ भी उसका बाप पहले बलात्कार कर चुका था.

रिपोर्ट्स की मानें तो, इस केस की जांच कर रही विशेष टीम Special Probe Team (SIT) ने विक्टर को हिरासत में ले लिया. आपको बता दें कि विक्टर को इससे पहले भी एक नाबालिग का रेप करने के लिए गिरफ़्तार किया जा चुका है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद से पुलिस परिवार के सभी सदस्यों से सख्ती से पूछताछ कर रही है. हालांकि, बच्ची की मां और बड़ी बहन ने किसी भी तरह से सहयोग देने से साफ़ मना कर दिया है. लेकिन विक्टर की पत्नी और बच्ची की नानी ने आगे आकर उसके जुर्म को कबूला है और उन्होंने साथ ही ये भी बताया कि लगभग एक साल से विक्टर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था.

Representational Image | Source: AFP

Deccan Chronicle की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस बात को स्वीकार है कि पहले जो ऑफिसर्स इस केस को संभाल रहे थे, उन्होंने केस में ढील रवैया अपनाया था. इसके साथ ही पुलिस ने दावा करते हुए ये भी कहा कि उन्होंने शुरू में अप्राकृतिक कारणों के तहत मौत का मामला दायर किया था और वो स्थिति की गंभीरता को महसूस करने में विफल रहे थे.

कुंदरा सर्किल इंस्पेक्टर R. Shabu और एसआई राजेश कुमार को इस मामले के संबंध में कर्तव्यनिष्ठा की कमी के चलते सस्पेंड कर दिया गया था.

इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया ही नहीं गया. जब 16 जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तब पुलिस ने सक्रियता दिखाई, वो भी तब, जब लड़की के पिता ने मार्च में मीडिया के ज़रिये दोबारा से पूरे मामले की तहकीकात करने की मांग की.

Feature Image for representational use only