दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे शख़्स को हिरासत में लिया है, जिसने एक सरकारी मंत्रालय की फ़र्ज़ी वेबसाइट बना कर दो दिनों में लोगों को 20 लाख रुपये का चूना लगा दिया. हिन्दुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, शख़्स का नाम सुमित कुमार है और दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट है. जुडिशल सर्विस के एग्ज़ाम में फ़ेल होने के बाद इसने एक मंत्रालय की फ़र्ज़ी वेबसाइट बनाई और उसमें जॉब के लिए पोस्ट निकाली.

पुलिस को इस बात का पता तब चला, जब मिनिस्ट्री ऑफ़ वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट के सचिव ने एक फ़र्ज़ी वेबसाइट के बारे में सूचना दी. डीसीपी (नई दिल्ली) बी.के. सिंह का कहना है कि 'सुमित को उम्मीद थी कि उसकी फ़र्ज़ी' रिक्ति के लिए कम से कम एक महीने में 1 लाख लोग अप्लाई करेंगे.'

सचिव ने दी गई सूचना में पुलिस को बताया कि कोई मंत्रालय की फ़र्ज़ी वेबसाइट बना कर अलग-अलग पोस्ट पर भर्तियां निकाल कर ऑनलाइन एग्ज़ामिनेशन फ़ीस वसूल रहा है. पुलिस के मुताबिक, सुमित ने अपनी फ़र्ज़ी वेबसाइट पर करीब 6,715 भर्तियां निकाली थी.

इस फ़र्ज़ीवाड़े को करने के लिए सुमित ने बड़ी ही चालाकी से WMCD की ओरिजिनल साइट wcd.nic.in से मिलता-जुलता डोमेन wcdo.org.in लिया. अपनी फ़र्ज़ी वेबसाइट को असली दिखाने के लिए उसने इस पर सरकारी अधिकारियों से संबंधित नंबर भी डाले.

शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच करनी शुरू की, जिसमें उन्हें पता चला कि ये डोमेन Women and Child Development Organisation नाम के एक NGO पर रजिस्टर की गई है. मिलते-जुलते नाम की वजह से लोग भ्रमित हो गए और इसे असली मान बैठे. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, लोगों को ICICI बैंक अकाउंट का नंबर दिया गया था, जिसमें उन्हें फ़ीस भरने के लिए कहा गया था.