गुरु चाणक्य अर्थशास्त्र के आचार्य थे. अर्थशास्त्र के साथ-साथ गुरु चाणक्य अपने शिष्यों को राजनीति और कूटनीति की शिक्षा भी दिया करते थे. चाणक्य की कूटनीतियां ही थीं, जिसने सिकंदर को भारत छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था. एक सामान्य बच्चे चन्द्रगुप्त को ‘सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य’ बनाने में भी चाणक्य का बड़ा हाथ था. चाणक्य ने ‘नीति शास्त्र’ की रचना भी की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे अपने जीवन को सरल, सुगम और सुख़ी बनाया जा सकता है.

ज़िंदगी में कई मोड़ ऐसे आते हैं, जब हमें किसी की सलाह की ज़रूरत पड़ती है. इसीलिए आज हम आपसे शेयर कर रहे हैं चाणक्य द्वारा कही गई कुछ ऐसी बातें, जिस पर चलने के बाद आप सफ़लता की सीढ़ियां चढ़ते चले जाएंगे.

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1. किसी भी इंसान को ज़रूरत से ज़्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए. सीधे तने वाले पेड़ ही सबसे काटे जाते हैं और बहुत ज़्यादा ईमानदार लोगों को ही सबसे ज़्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं.

2. चाणक्य मानते थे कि किसी भी व्यक्ति को अगर आर्थिक हानि होती है, तो उसे भूलकर भी इस बात को किसी से साझा नहीं करना चाहिए. ऐसी बातें गुप्त ही रखनी चाहिए, क्योंकि कोई भी आपकी आर्थिक हानि को जानकर मदद करने को तैयार नहीं होगा. दूसरा उसे मदद न करनी पड़ जाए इस डर से दूर हो जाएगा.

3. हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए, न ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए. विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं.

4. दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक और महिला की सुन्दरता है.

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5. हर मित्रता के पीछे कुछ स्वार्थ ज़रूर छिपा होता है. दुनिया में ऐसी कोई दोस्ती नहीं, जिसके पीछे लोगों के अपने हित न छिपे हों. यह कटु सत्य है, लेकिन यही सत्य है.

6. जन्‍म के पांचवें साल तक पुत्र को प्‍यार करना चाहिये, फिर दस साल तक दंडित करना चाहिये और एक बार जब वह सोलह साल का हो जाए, तब उसे अपना दोस्‍त बना लेना चाहिये.

7. किसी ने यदि आपको ठग लिया है, तो इसे भी अपने तक ही सीमित रखिए, अन्यथा लोग आप का ही मज़ाक बनाएंगे कि आप चतुर नहीं है. हो सकता है इस बात का असर किसी पर यह हो कि अगली बार वह भी आपको ही ठगने का विचार करने लगे.

8. अगर आपसे नीचे स्तर के लोग आपका अपमान करें, तो इसे कभी भी सार्वजनिक मत कीजिए. इससे आपकी ही प्रतिष्ठा कम होगी. ये बात आपके व्यक्तित्व से जोड़कर देखी जा सकती है कि एक छोटा सा व्यक्ति भी आपको अपमानित कर सकता है. मतलब आपका अपना कोई वजूद नहीं है.

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9. ऐसा पैसा जो बहुत तकलीफ़ के बाद मिले. अपना धर्म-ईमान छोड़ने पर मिले या दुश्मनों की चापलूसी से, उनकी सत्ता स्वीकारने से मिले, उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए.

10. भय आपका सबसे बड़ा दुश्मन होता है.

11. नीच प्रवृत्ति के लोग दूसरों के दिलों को चोट पहुंचाने वाली, उनके विश्वासों को छलनी करने वाली बातें करते हैं, दूसरों की बुराई कर खुश हो जाते हैं. मगर ऐसे लोग अपनी बड़ी-बड़ी और झूठी बातों के बुने जाल में खुद भी फंस जाते हैं. जिस तरह से रेत के टीले को अपनी बांबी समझकर सांप घुस जाता है और दम घुटने से उसकी मौत हो जाती है, उसी तरह से ऐसे लोग भी अपनी बुराइयों के बोझ तले मर जाते हैं.

12. ऐसे व्यक्ति, जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं उन्हें दोस्त न बनाओ, वो तुम्हारे कष्ट का कारण बनेंगे. समान स्तर के मित्र ही सुख़दायक होते हैं.

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13. शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है. एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है. शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है.

14. फूल की ख़ुशबू केवल हवा की दिशा में जाएगी, लेकिन एक अच्‍छे इंसान की अच्‍छाई सब जगह फैलेगी.

15. असंभव शब्द का इस्तेमाल बुज़दिल करते हैं. बहादुर और बुद्धिमान व्यक्ति अपना रास्ता खुद बनाते हैं.

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