कहते हैं अगर इच्छाशक्ति मज़बूत हो, तो बुरा से बुरा इंसान भी अच्छा बन सकता है. मिलिए Freddie Sherrill से, ये वो शख़्स है जो कुछ साल पहले तक चोरी-चकारी और नशे की लत के लिए जाना जाता था. पर ये उसकी इच्छाशक्ति थी, जो उसने 65 साल की उम्र में Queens University Of Charlotte से ग्रेजुएशन पूरा करके सबको चौंका दिया.

Sherrill का मानना है कि उसकी ज़िंदगी के मुश्किल दौर ने ही उसे बदलने पर मजबूर किया और एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्ररित किया. एक वक़्त ऐसा था, जब उन्होंने क्रिसमस ट्री पर लगे अपने बच्चे के उपहारों को चुरा कर मार्केट में बेच दिया. ताकि उन पैसों से वो नशा कर सके. कई सालों तक जेल की हवा खाने के बाद 37 साल की उम्र में Sherrill ने लिखना-पढ़ना शुरू किया और 65 की उम्र वो ग्रेजुएट हो गए. ऐसे चमत्कारी बदलाव सिर्फ़ फ़िल्मों में ही नहीं, बल्कि रियल लाइफ़ में भी होते हैं.

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Washington Post को दिए गए इंटरव्यू में Sherrill ने बताया, 'मैंने अपने जीवन में बहुत सी ऐसी चीज़ें शुरू कीं पर उनको मैंने ख़त्म नहीं किया, लेकिन कॉलेज उनमें से एक नहीं होने वाला था.'

ऐसा नहीं था कि Sherrill ने इस ज़िंदगी का चुनाव ख़ुद किया था. छोटी सी उम्र में कठिन परिस्थितियों के कारण उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा. इसके बाद छोटे भाई-बहनों के पालन-पोषण के लिए उन्होंने चोरी करना शुरू किया, क्योंकि उनकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं था. इस दौरान उनके साथ चोरी करने वाले दोस्त उन्हें ड्रग्स और शराब पीने का ऑफ़र देने लगे, जिसके बाद धीर-धीरे Sherrill को इन चीज़ों की लत लग गई.

वो बताते हैं कि 'मैं एक बेहद शर्मिला बच्चा हुआ करता था पर जब मैंने पहली बार शराब पी, तो मेरी सारी झिझक दूर हो गई. साथ ही मुझे पहली दफ़ा ऐसा लगा कि मैं बिल्कुल फ़िट हूं.'

Sherrill ने बताया एक दिन मुझे एहसास हुआ कि मेरी ज़िंदगी बद से बदतर होती जा रही है और अब इसे बदलने की ज़रूरत है. इसके बाद मैंने Literacy Club जॉइन करने का फ़ैसला किया और वहां लिखना-पढ़ना सीखा.

29 साल तक शांत रहने के बाद वास्तव में उनकी ज़िंदगी पूरी तरह से बदल गई और आज वो ग्रेजुएट हैं!

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