ज़रूरतमंदों की मदद करना किसी को सिखाया नहीं जा सकता, ये भाव तो इंसान के अंदर ख़ुद-ब-ख़ुद आ जाता है. इस तरह के नेक विचार जब किसी बच्चे के अंदर आए तो वो क़ाबिल ए-तारीफ़ बात है.

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दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में रहने वाले 10 साल के गुरकीरत सिंह ने अपनी सालों की पॉकेट मनी से बचाए 30 हज़ार रुपये की रकम पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के ग़रीब मरीज़ों के इलाज के लिए दान कर दी है.

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गुरकीरत सिंह ने अपनी दादी के पदचिह्नों पर चलते हुए ज़रूरतमंदों की मदद के लिए ये नेक कदम उठाया है. दरअसल, गुरकीरत की दादी हरभजन कौर भी ग़रीबों और ज़रूरतमंदों के कल्याण के लिए अपनी ज़िंदगी भर की बचत, 60 लाख रुपये दान कर चुकी हैं. वो अब तक पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में 37 रोगियों के इलाज के लिए करीब 22 लाख रुपये का दान कर चुकी हैं.

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न्यूज़लाइन से बातचीत में हरभजन कौर ने कहा, 'ये देखकर अच्छा लग रहा है कि सिख गुरुओं की दी हुई इस शिक्षा को हमारी तीसरी पीढ़ी भी आगे बढ़ाने का काम कर रही है. ग़रीब लोगों को हमारी मदद की ज़रूरत है और हमसे जितना भी हो सकता है, हमें वो करना चाहिए.

गुरकीरत का परिवार पिछले चार महीनों में ग़रीब मरीज़ों के इलाज के लिए 2,20,000 रुपये का दान कर चुका है.

गुरकीरत का कहना था कि वो ग़रीबों की मदद और दान करने के लिए ही ये पैसे बचा रहा था.