Punishment For Killing Animals: भारतीय दंड संहिता की धारा 428 एवं 429 और पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत किसी भी जानवर को अपने वाहन से नुकसान पहुंचाना अपराध है. ऐसा करने पर 2000 रुपये तक का जुर्माना और 4 साल तक की सज़ा भी हो सकती है. भारत में किसी जानवर को स्लॉटर हाउस के बाहर मारना अवैध है. किसी बीमार या प्रेग्नेंट जानवर को क्षति पहुंचाना भी क़ानूनन जुर्म है. इसके अलावा अगर कोई इंसान किसी पशु को मनोरंजन के लिए अपने पास रखता है और उसके साथ क्रूरता का व्यवहार करता है तो वो भी अपराध है. ये सभी संज्ञेय और जमानती अपराध होते हैं, जिनकी सुनवाई कोई भी मैजिस्ट्रेट कर सकता है. ऐसे अपराधों के लिए कम से कम 10 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक का जुर्माना और अधिकतम 3 साल की सज़ा का प्रावधान है. 

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इसीलिए आज हम आपको जानवरों के साथ इंसानों द्वारा की गई क्रूरता के कुछ मामले दिखाने जा रहे हैं-

1- सांप का पोस्टमार्टम, युवक के ख़िलाफ़ केस

10 जनवरी, 2023 को यूपी के बागपत में एक युवक के ख़िलाफ़ सांप मारने पर मुक़दमा दर्ज हुआ है. वन विभाग ने सांप का पोस्टमार्टम कराने के बाद युवक के ख़िलाफ़ छपरौली थाने में ‘वन्य जीव संरक्षण’ की धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज कराया है. पुलिस अब युवक की गिरफ़्तारी के प्रयास कर रही है. दरअसल, बागपत के छपरौली थाना क्षेत्र के शबगा गांव में 12 फ़ीट लंबे सांप को मारने का एक वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने सुवालीन नाम के एक युवक के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था.

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2- चूहा मारने पर युवक को हुई जेल

नवंबर 2022 में यूपी में के बदायूं से एक ये अनोखा मामला सामने आया था. इस दौरान चूहे को नाले में डुबोकर मारने के आरोप में मनोज कुमार नाम के एक युवक के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज़ की गई थी. एनिमल लवर बिकेंद्र शर्मा की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव को सील कर बदायूं के पशु चिकित्सालय में भिजवाया, लेकिन वहां के कर्मचारियों ने संसाधनों के अभाव में पोस्टमॉर्टम करने से इंकार कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए चूहे का शव बरेली स्थित आईवीआरआई भेजा. 

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3- डॉग को गुब्बारों के साथ उड़ाया, यूट्यूबर को हुई जेल 

साल 2021 में दिल्ली के मशहूर यूट्यूबर गौरव ज़ोन ने फ़ैंस के ख़ातिर मज़े-मज़े में अपने पेट डॉग को गुब्बारों के साथ उड़ाने का एक वीडियो बनाया था. लेकिन बाद में गौरव को लेने के देने पड़ गए. मामला पुलिस तक पहुंच गया और यूट्यूबर गौरव ज़ोन को जेल की हवा खानी पड़ी. गौरव ये काम अपने फ़न के लिए कर रहा था, लेकिन ये एक दंडनीय अपराध था. 

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4- डॉग को छोड़ा लावारिस, फिर खानी पड़ी जेल की हवा 

साल 2015 में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक शख़्स को इसलिए जेल की हवा खानी पड़ी क्योंकि उसने अपने पालतू डॉग को सुनसान सड़क पर छोड़ दिया था. इस शख़्स बाद में सफ़ाई देते हुए कहा था कि वो अपने पेट डॉग को पालने की हालत में नहीं था. इसलिए उसने उसे एक सुनसान सड़क पर छोड़ना बेहतर समझा ताकि कोई उसे अपने घर ले जाए. भारत में धारा 11 (i) 1960 के तहत, किसी भी जानवर को लावारिस अवस्था में छोड़ने पर 3 महीने की सजा का प्रावधान है.

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5- बंदर को पत्थर मारने पर युवक को सजा

साल 2009 में राजस्थान के मेवाड़ से एक अनोखी घटना सामने आई थी. मेवाड़ के एक मंदिर के पुजारी ने बंदर को पत्थर मारने पर एक युवक के ख़िलाफ़ थाने में शिकायत दर्ज़ करा दी थी. इसके बाद युवक को गिरफ़्तार कर लिया गया था. दरअसल, पुजारी का कहना था कि वो बंदर को बजरंगबली का रूप मानते हैं और युवक ने बेवजह उसे पत्थर मारा था. 

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6- MMBS छात्र ने कुत्ते को छत से फ़ेंका, हुआ गिरफ़्तार

साल 2016 में चेन्नई में MMBS के एक स्टूडेंट ने मज़े के लिए 4 मंज़िला ऊंची बिल्डिंग की छत से अपने पेट डॉग को फ़ेंक दिया था. इस दौरान कुत्ते को गंभीर चोटें आई थीं. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने छात्र को पशु क्रूरता के मामले में गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था. बाद में युवक ने बताया कि वो देखना चाहता था कि अगर कुत्ते को छत से गिराया जाए तो मरेगा या नहीं.

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क्या है पशु क्रूरता निवारण अधिनियम

भारत में पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए साल 1960 में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम लाया गया था. इस ऐक्ट की धारा-4 के तहत साल 1962 में ‘भारतीय पशु कल्याण बोर्ड’ का गठन किया गया. इस अधिनियम का उद्देश्य पशुओं को अनावश्यक सजा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति को रोकना है. मामले को लेकर कई तरह के प्रावधान इस ऐक्ट में शामिल हैं. जैसे, अगर कोई पशु मालिक अपने पालतू जानवर को आवारा छोड़ देता है, या उसका इलाज नहीं कराता, भूखा-प्यासा रखता है तब ऐसा व्यक्ति पशु क्रूरता का अपराधी होगा.