‘जागो ग्राहक जागो’ वाले कई Ad आपने देखे होंगे, पर ऐसे बहुत ही कम ग्राहक हैं जो ‘जागते’ हैं. ख़ैर ग्राहकों को ठगने में हमारे देश में कई लोगों ने महारत हासिल की हुई है. हम लगभग हर रोज़ बेवकूफ़ बनते हैं. कई बार जानबूझकर अनदेखा कर देते हैं, तो कई बार हमें पता नहीं चलता कि हमें उल्लू बनाया जा रहा है.

लेकिन सभी लोग आंख और कान बंद करके ख़रीदारी नहीं करते. इसका सुबूत है उपभोक्ता न्यायालय में दर्ज हज़ारों केस. उनमें से कुछ Extra Interesting मामलों की हमने लिस्ट बनाई है.

पढ़िए और जाग जाइए

1. छात्र ने Crayon Company पर रंगभेदी Crayon बनाने के लिए ठोका मुकदमा.

NLSIU के चिरायु जैन ने एक Crayon Company पर 1 लाख का मुकदमा ठोका. चिरायु को कंपनी के Skin Colour Crayon से आपत्ति थी. इंटरनेट पर गहन खोज करने पर भी ये पता नहीं चला कि इस केस का क्या फ़ैसला आया था. ये 2013 का केस है.

2. बाल उगाने वाले तेल को लगाकर झड़ने लगे बाल.

2015 में चंडीगढ़ के शिव चरनजीत ने टीवी पर ऐड देखकर Hair Building Fiber Oil मंगवाया. लेकिन तेल लगाने के बाद चरनजीत के बाल उगने के बजाये और ज़्यादा झड़ने लगे. तब उन्होंने कंपनी के खिलाफ़ कंज़्यूमर कोर्ट में मुकदमा दायर किया. कोर्ट ने कंपनी को 25,000 रुपये मुआवज़े के रूप में देने का फ़ैसला सुनाया.

3. फ़र्ज़ी Merchant Navy Academy पर केस.

मोहाली की अरविंद कौर ने अपने बेटे मोहित का एडमिशन विवेकानंद यूनिवर्सिटी ऑफ़ मर्चेन्ट अकेडमी में करवाया था. पूरी फ़ीस वसूलने के बावजूद Academy ने वैसी ट्रेनिंग नहीं दी जैसा उसने दावा किया था. अरविंद ने केस किया और मुआवज़े के रूप में उन्हें पूरी फ़ीस और अतिरिक्त 60,000 रुपये मिले.

4. बुक में Grammatical Error के लिए घसीटा कोर्ट.

2010 में लेखिका शोभा प्रकाश जोशी ने अपने एडिटर के खिलाफ़ कन्ज़्यूमर कोर्ट में मुक़दमा दायर किया था क्योंकि उनकी किताब में Grammatical Error थे. शोभा ने पब्लिशर्स के खिलाफ़ ये केस जीत लिया था.

5. गलत दांत उखाड़ने पर डॉक्टर को घसीटा कोर्ट.

2010 में ये अनोखा केस कन्ज़्यूमर कोर्ट के पास आया. पूनम देवी ने डॉक्टर कोहली के खिलाफ़ केस किया था. दांत दर्द की शिकायत लेकर पूनम डॉक्टर के पास पहुंची थी, लेकिन डॉक्टर ने उनके 1 नहीं, दो दांत उखाड़ दिए. इसके बाद भी उनको दर्द से राहत नहीं मिली. तंग आकर पूनम ने कन्ज़्यूमर कोर्ट में केस किया. अदालत ने उन्हें मुआवज़े के तौर पर 50 हज़ार रुपये दिलवाए.

6. बच्ची ने गिनी माचिस की तिलियां, किसी भी डिब्बे में नहीं थी 50 तिलियां. बच्ची के पापा ने किया कोर्ट में केस

इस केस कौन से साल का है, ये बहुत ढूंढने पर भी इंटरनेट पर नहीं मिल पाया. पर ये हमने अखबार में पढ़ा था तो इस लिस्ट में शामिल कर लिया. आमतौर पर कंपनियां माचिस के डब्बे में 50 तिलियां होने का दावा करती हैं. पर एक बच्ची ने जब माचिस की तिलियां गिनी, तो किसी में भी 50 तिलियां नहीं थी. तब बच्ची के पापा ने उपभोक्ता न्यायालय में शिकायत दर्ज की थी. कोर्ट के आदेश पर उस परिवार को मुआवज़ा भी दिया गया था.

ये कुछ Cases हैं, जिनसे ये साफ़ पता चलता है कि अगर उपभोक्ता सजग हो, तो छोटी से छोटी ठगी से भी बचा जा सकता है. ‘जागो ग्राहक जागो’. 

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