मुंबई के रहने वाले एक 21 वर्षीय लड़के ने 'दादर बीच' (Dadar Beach) से एक हज़ार टन कचरा निकाला है, जिसके लिये उसे UN अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया है. छोटी सी उम्र में बड़ा कारनामा करने वाले इस लड़के का नाम मल्हार कलाम्बे है.

कैसे हुआ ये चमत्कार?

10 सितंबर, 2017 की बात है, जब दादर निवासी मल्हार ने अपने दोस्तों के साथ एक मार्च निकालकर Dadar Beach से कचरा इकट्ठा किया. ये कचरा पर्यटकों द्वारा समुद्र में फेंका गया था. इसके बाद मल्हार ने ‘Beach Please’ की संस्थापना की और फिर शुरूआत हुई साप्ताहिक सफ़ाई अभियान की. मल्हार का कहना है कि वो दशकों से शहर में रह रहे हैं. इस दौरान उसे महसूस हुआ कि किसी भी शहर को बनाने और बिगाड़ने की शक्ति इंसान के हाथ में है. इसके लिये सरकारी अधिकारियों को दोष नहीं दिया जा सकता.

मल्हार एक नया बदलाव लाना चाहते थे, जिस वजह से ‘Beach Please’ की उत्पत्ति हुई. 21 साल के इस लड़के ने दादर बीच को साफ़ करने की कसम खाई थी, जिसे शिद्दत से पूरा भी किया. रिपोर्ट के मुताबिक, 87 सप्ताह के भीतर ही समुद्र तट से अब तक करीब 1000 टन कचरा हटाया जा चुका है, जिसमें बासी भोजन और प्रसाद शामिल था.

पर्यावरण के प्रति मल्हार के प्रयासों, प्रतिबद्धता और जु़नून को देखते हुए, UN ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में अवॉर्ड देकर सम्मानित किया. वहीं मल्हार अपने पहले पुरस्कार को बेहद ख़ास मान रहे हैं, जिसे लेने के बाद वो बेहद ख़ुश दिखाई दिये. यही नहीं, मल्हार और उसकी टीम कॉलेज और कॉरपोरेट्स से संपर्क करके लोगों को सफ़ाई के लिये प्रेरित कर रहे हैं.

अगर भी मल्हार के मिशन में शामिल होकर सफ़ाई अभियान में हाथ बंटाना चाहते हैं, तो +91 91676 60403 पर कॉल कर सकते हैं.