आज़ादी से पहले देश में कई छोड़े-बड़े रजवाड़े थे. फिर ब्रिटिश आए इनमें से कुछ इनके राज में दिवालिया हो गये और कुछ आज़ादी के बाद. चलिए जानते हैं कुछ ऐसे ही राजघरानों के बारे में जो धीरे-धीरे अपनी पावर और पैसा खोते गए और अंत में आम आदमी की ज़िंदगी जीने को मजबूर हो गए.   

1. हैदराबाद के आख़िरी निज़ाम उस्मान अली ख़ान के वंशज

निज़ाम उस्मान अली के पास कभी 17,49,80,07,600 रुपये की संपत्ति थी. उन्हें 2012 में दुनिया के छठा सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया गया था. उनके 18 बेटे और 16 बेटियां थीं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके राजकुमार मुक़र्ररम जहां इन दिनों तुर्की में रहते हैं. बताया ये भी जाता है कि उनके 120 वंशज इन दिनों 70 साल पहले लंदन बैंक में जमा किए 36 मिलियन पाउंड(3,55,96,29,702 रुपये) को पाने के लिए क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.  

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2. टीपू सुल्तान के वंशज   

टीपू सुल्तान के मरने के बाद अंग्रेज़ों ने उनके खज़ाने पर क़ब्ज़ा कर लिया था. कहते हैं कि तब उनके ख़ज़ाने को ढोने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों को 6 बैलगाड़ी का इंतज़ाम करना पड़ा था. उनके वंशजों(बड़ी बेटी फ़ातिमा बेग़म ) को उन्होंने कोलकाता शिफ़्ट कर दिया था. उनके परिवार के लोग आजकल यहीं रहते हैं और साइकिल रिपेयर करना, रिक्शा चलना, दर्जी आदि का काम करते हैं. इनके घर भी मिट्टी और घांस-फूंस के बने हैं.   

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3. टिगरिया वंश के महाराज ब्रजराज महापात्रा

एक ज़माने में महाराज ब्रजराज महापात्रा के पास एक महल, हाथी-घोड़े और 25 विंटेज़ कार्स थीं. लेकिन आज़ादी मिलने के बाद इनकी रियासत भारत में विलय हो गई और इन्हें सालाना कुछ हज़ार की पेंशन मिलने लगी. पत्नी जो विधायक थीं वो पहले ही बच्चों समेत इन्हें छोड़ चुकी थीं. इसलिए अंतिम दिन मुफ़लिसी में गुज़रे.   

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4. त्रावणकोर के वंशज   

जब स्वतंत्रता के बाद त्रावणकोर का भारत में विलय हुआ तब वो हैदराबाद के बाद देश का दूसरा सबसे अमीर राजघराना था. उथराडोम तिरुनल मार्तंड वर्मा इस शाही परिवार के अंतिम मुखिया थे. वो पद्मनाभस्वामी मंदिर के ट्रस्ट के अध्यक्ष भी थे. कहते हैं इस मंदिर में हज़ारों करोड़ रुपये का सोना है जो भगवान की संपत्ति है. 2011 में जब मार्तंड वर्मा का निधन होने से पहले उन्होंने अंतिम इच्छा बताई थी कि वो सारा सोना ईश्वर का है और उनकी फ़ैमिली ने उसमें कभी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. आगे भी ऐसा होता रहना चाहिए.   

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5. मुग़ल बादशाह बहादुर शाह के वंशंज  

सुल्ताना बेग़म मुग़ल बादशाह बहादुर शाह के पोते की पत्नी हैं. वो इन दिनों कोलकाता में 2 कमरों के छोटे से घर में रह रही हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, वो पहले एक चाय की दुकान चलाती थीं, जब तक राज्य सरकार ने उन्हें 6000 रुपये की मासिक पेंशन नहीं देना शुरू कर दिया. इनकी पांच बेटी और एक बेटा है जो पश्चिम बंगाल में ही आम आदमी की तरह जी रहे हैं.   

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6. नवाब वाजिद अली शाह के वंशज 

अवध के नवाब वाजिद अली शाह के पोते डॉ. कौकब कुदर मिर्ज़ा इन दिनों कोलकाता के एक मंज़िला घर में रहते थे. सितंबर 2020 में उनकी मौत कोरोना महामारी के चलते हो गई थी. कुदर मिर्ज़ा अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर थे. वो अपने पीछे पत्नी और 6 बच्चों को छोड़ गए हैं.   

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एक तरफ जहां देश के कई बड़े राजघराने के लोग बिज़नेस और राजनीति में नाम कमा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग़रीबी में जीवन यापन कर रहे इन राजघरानों के बारे में भी बताया जाना ज़रूरी था.