आज कल के छोटे-छोटे बच्चे बड़े-बड़े कमाल कर रहे हैं. सूरत की एक 17 वर्षीय लड़की ने भी ऐसा ही कमाल कर दिखाया है. पर्यावरण के प्रति ख़ुशी चिंदलिया के प्रेम को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम यानि UNEP ने उसे अपना ग्रीन एंबेसडर बनाया है.

अब वो भारत की ग्रीन राजदूत है और ये हम सभी के लिये गर्व की बात है. छोटी सी उम्र में बड़ी उपलब्धि पाने वाली ख़ुशी ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत के दौरान बताया, 'कुछ साल पहले वो पहली दफ़ा न्यू सिटी लाइट इलाके में रहने आई थी. घर के आस-पास मौजूद पेड़ों से उसकी दोस्ती हो गई. उन पेड़ों के पास पक्षी आराम करने भी आते थे.'

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आगे वो कहती है कि जैसे-जैसे वो बड़ी होती गई. हरियाली की जगह बड़ी-बड़ी बिल्डिंग दिखाई देने लगी. तब उसे महसूस हुआ कि पेड़ों-पौधों की जो ख़ुशी उसे मिली, शायद वो उसकी छोटी बहन न ले पाये. बस उसी दिन से वो पर्यावरण के हित में काम करने लग गई.

पर्यावरण को लेकर हम नासमझ बन सकते हैं, लेकिन बच्चों को सब समझ है.