बॉलीवुड की फ़िल्में हमें ये यक़ीन दिलाने की भरपूर कोशिश करती हैं कि मोहब्बत है और अंत में सब कुछ ठीक हो जाता है. पर हक़ीक़त इससे काफ़ी अलग होती है. रोज़मर्रा टाइमलाइन पर दिखने वाले 'Breakup Memes' को देखकर तो यही लगता है.


पर कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो न सिर्फ़ में दिल उतरती हैं, बल्कि काफ़ी Inspire भी करती हैं.

मोहब्बत की ऐसी ही सच्ची कहानी शेयर की है Humans of Bombay पेज ने.

'मैं एक मुस्लिम थी और वो ईसाई, पर ये हमारे बीच रुकावट नहीं बना. हमारा प्यार बिल्कुल किताबों जैसा और फ़िल्मों जैसा है. हम दोनों महाबलेश्वर में मिले. हम दोनों अपने-अपने ग्रुप के साथ गए थे. मुझे वो तुरंत पसंद नहीं आया था. मरीन इंजीनियर की नौकरी जंच रही थी उसपे.


हम वहां 4 दिनों तक थे और हमें एक दूसरे की कंपनी काफ़ी पसंद आयी. वापस लौट कर हम संपर्क में रहे. उस वक़्त फ़ोन नहीं होते थे, पर मेरी बेस्ट फ़्रेंड मेरे ऑफ़िस में टेलिफ़ोन ऑपरेटर थी और वो हमारी बात करवा देती थी. कुछ हफ़्तों बाद वो ऑफ़िस आने लगा. तब मुझे पता चला कि उसने मुंबई में रहने के लिए तट पर ही नौकरी ले ली है.

हमने 5 साल तक Date किया, काफ़ी मेहनत की और इतने पैसे बचा लिए कि अपना घर ख़रीद सकें. इसके बाद उसने मेरे पापा से मेरा हाथ मांगा. हमने साधारण-सी शादी करने का फ़ैसला किया क्योंकि सारी बचत घर में लगा दी थी. शादी के बाद भी उसने मुझे अपना धर्म बदलने को नहीं कहा. शादी के 5 साल बाद मैंने ख़ुद Baptized होने का निर्णय लिया.


उसकी सबसे अच्छी बात है कि वो जो होता है, उसे Accept कर लेता है. जब दूसरी बार भी मेरा Miscarriage हुआ तो उसने मुझसे कहा- हम एक-दूसरे के लिए काफ़ी हैं, बच्चों की ज़रूरत नहीं.

इसके बाद उसने जो किया वो मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी. उसने बीच समंदर में जहाज़ को छोड़ दिया और एक छोटी सी नांव में तट तक पहुंचा और वहां से एयरपोर्ट. अगले दिन वो मेरे दरवाज़े पर पहुंच चुका था. मैं उसे सिर्फ़ देखती रही, उसने मुझसे कहा,


'तुमसे बात करने के बाद मेरा दिमाग़ काम नहीं कर रहा था. मैं 1 मिनट भी काम नहीं कर पा रहा था, कोई रिपोर्ट नहीं लिख पा रहा था. मुझे बस तुम्हारे पास होना था.'

उसके साथ ज़िन्दगी काफ़ी अच्छी रही है. पिछले 45 सालों से लड़ते-झगड़ते, एक-दूसरे से प्यार करते बिताए हैं. हम साथ में ट्रेवल करते हैं, ज़िन्दगी को एकसाथ Explore करते हैं. काफ़ी परेशानियां भी आई हैं पर आप जितनी बार भी पूछोगे मैं सिर्फ़ उसे ही चुनूंगी.'

नील्स और फ़ौज़िया इस प्रेम कहानी पर लोगों की प्रतिक्रिया:

याद रखिए मोहब्बत पर ही दुनिया क़ायम है.