2020, इस साल ने काफी कुछ सिखाया. लोगों को साथ रखना, एक दूसरे का ख़्याल रखना मगर इस साल ने छीना बहुत कुछ. अब जब शायद सब ठीक हो तो कुछ भी पहले जैसा न हो. हम लोग जिन छोटी-छोटी मगर प्यारी बातों पर ध्यान भी नहीं देते थे, इस साल ने हमने उनपर ध्यान देना भी सिखा दिया. आइये देखते हैं ऐसी कौन सी 20 बातें रहीं जिनको कभी हमने तवज्जोह नहीं दी मगर इस साल ने हमें उस पर भी ध्यान देना सीखा दिया.

1. बिना मास्क के खुली हवा में सांस लेना 

इस साल मास्क हमारा साथी हो गया, कहीं भी जाना हो तो मास्क लगा कर जाना पड़ा. मास्क लगा के बिना मास्क के खुली हवा में सांस लेना कितना सुखद था, ये याद आता है.

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2.पापा के साथ बैठकर क्रिकेट देखना 

कोविड के कारण सब घर में ही रहे, जीवन में एंटरटेनमेंट की कमी को पूरा करने के लिए IPL शुरू हुआ. बहुत दिनों बाद ऐसा हुआ था कि पापा के साथ बैठ कर क्रिकेट देखने को मिला जिसने बचपन की यादें भी ताज़ा कर दीं और ये कितना ख़ूबसूरत था ये मालूम चला.

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3. घर से बाहर खेलने जाना

खेलने को शायद ही सबने कभी ज़्यादा तवज्जोह नहीं दी मगर कोरोना ये एहसास करवा दिया कि बाहर खेलने जाना कितना बेहतरीन होता था.

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4. त्यौहार में घर वाली ट्रेन पकड़ना

त्यौहार आते ही सभी लोग छुट्टियां जोड़ने घटाने लगते थे. कई लोग जहां महीने भर पहले टिकट कर लेते वहीं कुछ लोग आख़िरी मौक़े पर टिकट कटाते, मगर घर जाने वाली ट्रेन पकड़ना हमेशा ही ख़ुशनुमा होता था.

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5. अपनी सेहत का ध्यान रखना

इस साल सबने अपनी सेहत का ध्यान ख़ासतौर पर रखा. लोगों के खानपान में काढ़ा और बाकी इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजें शामिल हो गईं. लोग अच्छी सेहत का होना कितना ज़रूरी है इस बात को समझ गए.

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6. दोस्तों के साथ टपरी की चाय पीना

कुछ दोस्त हों और टपरी वाली चाय हो, इससे ख़ुशी की बात कुछ नहीं होती थी. 2020 ने ये भी छीन लिया. 

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7. अपने आस-पास सफ़ाई रखना

सफ़ाई कितनी ज़्यादा ज़रूरी है इसका सही मतलब इस साल ने ही हमको सिखाया. 

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8. घर में सबके साथ बैठकर खाना खाना

आमतौर पर नौकरी या बाक़ी कामों के चलते सब लोग घर से दूर दूर रहते थे, साथ खाना तो दूर मिलना भी नसीब नहीं हो पाता था. मगर इस साल ने पूरे परिवार को साथ खाने की अहमियत सिखा दी. 

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9. दोस्तों के साथ शाम को घूमने जाना

शाम को दोस्तों के साथ घूमना एक अलग एहसास होता था. जहां दोस्तों से तमाम तरह की बातें होतीं थीं. इस साल वो बातें सिमट कर फ़ोन में रह गयीं. 

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10. रिश्तेदारों का त्यौहारों पर घर आना

इस बार त्योहारों में भी वैसी चमक नहीं रही. कोरोना के चलते ना ज़्यादा लोग किसी के घर गए ना कोई घर आया. जो अपने आप में एक अलग ही अनुभव था. 

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11. पसंदीदा कैफ़े में बैठना

याद है आपका पसंदीदा कैफ़े? वहां बैठना भर ही सुकून वाला होता था ना. अब याद आता है ना बहुत? 

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12. Gym जाकर एक्सरसाइज़ करना

सब Gym की मेम्बरशिप तो ले लेते हैं मगर रोज़ जाता कोई नहीं है. ज़्यादातर लोगों ने Gym में पसीने बहाने को तवज्जोह नहीं दी कभी. 

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13. दोस्तों के साथ कहीं घूमने जाना

ये सबसे ज़्यादा मिस किये जाने वाले कामों में से एक है. दोस्तों के साथ मिल पाना और घूमने जा पाना बहुत ही ज़्यादा हल्के से लिया जाता रहा है.

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14. काम के बीच में दोस्त के साथ कॉफ़ी ब्रेक पर जाना

काम के बीच दोस्त के साथ कॉफ़ी ब्रेक पर जाना हमेशा अच्छा होता था. अभी घर से काम के चलते ये सब ना हो पाना बड़ा याद आता है. 

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15. अपनी हॉबी को समय देना

इस साल के सबसे बड़े सबक में ये रहा कि लोगों ने अपनी हॉबीज़ को जिया. कई लोगों ने पेंटिंग, सिंगिंग जैसी चीजें शुरू कीं जो काम के चलते छूट गयीं थीं. 

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16. सेविंग करना 

इस साल ने लोगों को सेविंग्स के महत्व को भी समझा दिया. कोरोना के चलते कई लोगों की नौकरियां गयीं, सैलरी कट्स हुए. एक सेविंग ही थी जिसकी भरोसे लोग रहे.

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17. अपने शहर को टूरिस्ट की नज़र से देखना 

अपने ही शहर को कभी क़रीब से घूमा है? इस साल ने ये भी सिखा दिया कि अपना शहर कितना प्यारा है. 

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18. ऑनलाइन शॉपिंग कर पाना 

ऑनलाइन शॉपिंग कितनी मददगार साबित हुई ये किसी से छुपा नहीं है. इस साल से इसका महत्व समझा दिया. 

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19. स्पर्श

इस चीज़ पर शायद इस साल से पहले कभी किसी से इतना ध्यान ना दिया हो मगर कोविड के चलते लोगों को 2 गज दूरी और हाथ ना मिलने जैसे प्रोटोकॉल फॉलो करने पड़े. ऐसे में दोस्तों से हाथ मिलना, गले मिल पाना. सब नॉर्मल होने के बाद दोस्तों को टाइट वाली झप्पी देना है. 

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20. आज़ादी 

आज़ादी, कहीं भी जा पाने की, किसी से भी मिल पाने की. इसे सबसे ज़्यादा भाव नहीं दिया गया मगर इस साल के बाद शायद इन सब चीज़ों का महत्व समझ आये. 

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आपको इस साल ने क्या सिखाया हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर ज़रूर बताइये.