जब भी आप दिल्ली घूमने का प्लान बनाते हैं, तो कहां-कहां घूमने जाते हैं, इंडिया गेट, लालकिला, कुतुब मीनार यही सब न? अगर हम आप से कहें कि आप अपने दिल्ली के टूर को आप एक नया ट्विस्ट भी दे सकते हैं. तो आपका सवाल होगा वो कैसे? इसका जवाब भी हम आपके लिए लेकर आये हैं. इसका जवाब इन 7 बातों में छुपा है, जो आप Delhi में कर सकते हैं.

1. शाहपुर जाट में शॉपिंग करें

ये वो जगह है जहां आप शॉपिंग कर सकते हैं और दिल्ली में मिलने वाले स्ट्रीट फ़ूड का लुत्फ़ उठा सकते हैं. इसे Entrepreneurs का हब कहा जाता है. यहां आप किफ़ायती दामों में डिज़ाइनर कपड़े ख़रीद सकते हैं. एक अर्बन विलेज की झलक इस गांव में आपको देखने को मिलेगी.

2. गुरुद्वारे में लंगर सर्व कर सकते हैं

दिल्ली में करीब 10 बड़े गुरुद्वारे हैं. यहां हर रोज़ ग़रीबों के लिए लंगर चलाया जाता है. इन्हें अपने लिए वॉलेंटियर्स की ज़रूरत होती है, जिसे आप चाहें तो पूरी कर सकते हैं. ये काम कर आपके मन को शांति मिलेगी और सिख धर्म को करीब से जानने का मौक़ा भी.

3. जेएनयू के ढाबों के टेस्टी पराठें ट्राइ करें

सिर्फ़ पुरानी दिल्ली ही नहीं यहां भी दिल्ली के बेस्ट पराठें मिलते हैं, वो भी किफ़ायती दाम पर. यहां पर पुरानी दिल्ली वाली भीड़ भी कम होगी और आप शांत माहौल में पराठे खाने का आनंद ले सकते हैं. गंगा ढाबा, मुग़ल ढाबा, मामू का ढाबायहां के कुछ फ़ेमस पराठा पॉइंट हैं.

4. वक़्त के साथ भुला दिए गए कुछ स्मारकों की सैर

दिल्ली में ऐसे बहुत से स्मारक हैं, जिन्हें लोगों ने वक़्त के साथ भुला दिया है. जैसे फ़िरोज़ शाह कोटला फ़ोर्ट, कुली खां का मक़बरा, गयासुद्दीन तुगलक का मक़बरा आदि. दिल्ली का इतिहास जानने के लिए ये बेस्ट प्लेस हैं.

5. मजनू के टीले पर तिब्बतियन कल्चर को समझना

तिब्बतियन कल्चर की झलक देखनी है तो आपको दिल्ली के मजनू के टीला इलाके में ज़रूर जाना चाहिए. यहां तिब्बतियन स्टाइल में कई कफ़ै और रेस्टोरेंट हैं जहां नॉर्थ इस्ट के स्वादिष्ट व्यंजन खाने को मिलेंगें. यहां जाकर आपको ऐसा लगेगा आप दिल्ली में नहीं तिब्बत में हैं.

6. ब्लैकबॉक्स ओखला

ब्लैकबॉक्स ओखला में कुछ बेहतरीन प्ले होस्ट किए जाते हैं. नाटक(अभिनय) का एक नया अंदाज़ देखने को मिलेगा आपको यहां. ये प्ले इतने इमोशनल होते हैं कि आप भी इन्हें देखर इमोशनल हो जाएंगे. यहां की टिकिट बुक करना मत भूलना.

7. हिजड़ों का खानकाह

किन्नरों की ये एक ख़ास जगह है, जो कुतुब मीनार के पास बनी है. ये जगह 15वीं शताब्दी में किन्नरों के कब्रिस्तान के रूप में जानी जाती थी. यहां किन्नर समुदाय के लोग अध्यात्म से जुड़ने के लिए आते हैं. यहां जाकर आपको भी शांति का एहसास होगा.