अरुणाचल प्रदेश के तवांग ज़िले को प्रकृति ने अपनी ख़ूबसूरती से जी भर के नवाज़ा है. इस शांत और ख़ूबसूरत जगह को देखकर आपको ऐसा महसूस होगा जैसे ऊपरवाले ने इसे फुरसत में बैठकर बनाया होगा. यहां के बौद्ध मठ वर्ल्ड फ़ेमस हैं. 'ता' का मतलब होता है घोड़ा और 'वांग' का मतलब चुना गया.

कहते हैं कि इसे बौद्ध धर्म के छठे दलाई लामा Lobsang Gyatso ने अपने मठ को बनाने के लिए चुना था. इस काम में उनके घोड़े ने उनकी मदद की थी. तभी से ही इसका नाम तवांग पड़ गया.

जितनी दिलचस्प इस ज़िले के नाम की कहानी ही उससे कहीं दिलचस्प हैं, इसकी वादियां. तभी तो पूरी दुनिया से पर्यटक इस स्वर्ग समान जगह में घूमने आते हैं. हमने इसे स्वर्ग क्यों कहा, इसका एहसास आपको तवांग से आई इन तस्वीरों को देखकर हो जाएगा.

1.कैंपिंग का अद्भुत नज़ारा

2. छुट्टियां मानने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है तवांग

3. बर्फ़ीले रास्तों पर बाइक चलाने का अलग ही मज़ा है

4. वहां पर इस तरह के बहुत से ब्रिज हैं

5. इन रास्तों पर कौन नहीं चलना चाहेगा

7. इंस्टाग्राम के लिए बेस्ट तस्वीरें भी खींची जा सकती हैं

8. याक की सवारी

9. पहाड़ पर बने होटल से यहां की ख़ूबसूरती निहारना

10. यहां पर याक आसनी से देखने को मिल जाएंगे

11. ये नज़ारा कोई नहीं भूला सकता

12. झरने के पानी में नहाने का आनंद भी लिया जा सकता है

13. बाइक राइडिंग के लिए ये बेस्ट डेस्टिनेशन है

14. नदी किनारे बने होटलों में ठहर सकते हैं

15. यहां के मठ विश्वभर में प्रसिद्ध हैं

16. तवांग की घाटियां आपके मन को शांत कर देंगी

17. फूलों की घाटी

18. यहां फूल भी बादलों से बात करते हैं

19. यहां के लोग बहुत शांत होते हैं

View this post on Instagram

| Places + Faces | BROKPA are the transhumance pastoralist of Monpa tribe, whose profession and livelihood is dependent on yak rearing and use resources like high mountain pastures characteristically by mobility patterns. Mobility is one of the main characteristics of the Brokpas, enabling them to move along with their herds at different points in time, exploring greener pastures at different ecological zones, efficiently utilizing available resources. Mobility is strictly followed with the arrangement of institutional regulation of seasonal use. It is one of the main strategies used by transhumant in mountain environments that have developed diverse strategies of natural resource use such as pasture and water. #mytawang | . . . . . . . . . . . . . . #tawang #arunachalpradesh #india #himalayas #indiaphoto #indiaphotostory #indiaphotosociety #indiaphotography #indiaphotographyclub #backpack #backpackers #backpacking #backpackingasia #backpackingculture #travel #travelphotography #travelblogger #travelling #travelgram #travelphotographer #sikkim #bhutan #nepal #meghalaya #nagaland #indiaphotoproject

A post shared by Tawang,Arunachal Pradesh,India (@mytawang) on

20. इंद्रधनुष को देखकर ऐसा लगता है, जैसे वो ज़मीन से निकले हों

21. यहां के त्योहार

22. फसलों की कटाई

View this post on Instagram

Harvest Season 🌾🌾 has officially begun ། Millet is being harvested here ། Millet is of high importance to the Monpa tribe of Arunachal Pradesh ། Millet is used to prepare local Alcohol and Flour ( which in turn is used to serve dough called Zan ) ། #mytawang ། . . . . . . . . . . . . . . . . . . . #tawang #arunachalpradesh #india #northeastindia #himalayas #indiagram #indiatravel #travelindia #increadibleindia #lonelyplanetindia #indiaphotoproject #indiaphotosociety #wanderlust #backpack #backpackers #backpackingculture #natgeo #natgeohub #natgeotravel #streetsofindia #storiesofindia #coloursofindia #indiaphotography #travelgram #travelblogger #travelphotographer

A post shared by Tawang,Arunachal Pradesh,India (@mytawang) on

23 . सुंदर झील

24. यहां पर की गई ट्रेकिंग आपको हमेशा याद रहेगी

25. पहाड़ों को काटकर बनाए गए रास्ते

कैसे पहुंचे: यहां पर सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट तेजपुर है, जो असम में है. यहां तवांग करीब 317 किलोमीटर दूर है. यहां से आपको तवांग के लिए बस और टैक्सी मिल जाएंगी. रेलगाड़ी से आ रहे हैं तो आपको रंगापाड़ा स्टेशन पर उतरना होगा. यहां से तवांग 383 किलोमीटर दूर है.

तो कब जा रहे हैं आप तवांग?

इस तरह के और आर्टिकल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.