History of Playing Cards: आज के इस वर्चुअल दुनिया में ऑनलाइन गेम की नकली दुनिया ने असली दुनिया से गेम्स का मज़ा छीन लिया है. लेकिन ‘ताश के पत्तों’ का खेल एकमात्र ऐसा गेम है जो आज के ‘वर्चुअल गेम्स’ को कड़ी टक्कर दे रहा है. आज भी लोग बड़े मज़े से ‘ताश का खेल’ खेलते नज़र आते हैं. अक्सर ताश के पत्तों का ज़िक्र आते ही हमारे दिमाग़ में सबसे पहले जुआ (Gambling) नाम का शब्द घूमने लगता है, लेकिन आप इन पत्तों से कई तरह के मज़ेदार गेम खेल सकते हैं. आपने मैजिशियन को ताश के पत्तों से हैरान कर देने वाले ‘मैजिक ट्रिक’ करते हुए देखा होगा.

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ताश के पत्तों का इतिहास

ताश के पत्तों का इतिहास बेहद पुराना है. भारत में प्रचलित ताश के पत्ते ब्रिटेन की देन हैं. भारत में इन पत्तों पर अंकित प्रतीकों को पान, चिड़ी, ईंट और हुकुम कहते हैं. किंग, क़्वीन और ज़ोकर इस खेल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी माने जाते हैं. इन चिन्हों का अंकन सर्वप्रथम एक फ्रांसीसी ने 16वीं शताब्दी में किया था. इसलिए हमें शाही पत्तों में ट्यूडर राजाओं की वेशभूषा दिखाई पड़ती है. 18वीं सदी के अंत में तास के पत्तों को रीडिज़ाइन किया गया था.

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20वीं सदी के भारत में विभिन्न प्रकार के कार्ड डिज़ाइन आए. इनमें पुणे स्थित ‘चित्रकला प्रेस’ में रवि वर्मा के प्रिंट और वर्णमाला कार्ड से लेकर ‘कमला सोप फ़ैक्ट्री’ के ब्रांडेड दिलकुश प्लेइंग कार्ड्स भारत में काफ़ी पसंद किये जाते थे. इसके अलावा ‘एयर इंडिया कलेक्टिव कार्ड्स’ भी काफ़ी लोकप्रिय रहे.

ताश के 52 पत्तों की ख़ास पहचान 

ताश के 52 पत्तों के 1 सेट को Deck या Packet कहते हैं. इन सभी 52 पत्तों को बेहद ख़ास तरीके से डिज़ाइन किया जाता है. हर पत्ते की अपनी एक अलग पहचान होती है. ताश के पत्ते (Playing Cards) मुख़्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं. इनमें हुकुम (Spades) दिल (Hearts), ईंट (Diamonds) और चिड़ी (Clubs) शामिल हैं. इनके अलावा Jack (गुलाम) Queen (बेगम), King (बादशाह) और Joker (जोकर) ताश के खेल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. 

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इतिहासकार सैमुअल सिंगर बताते हैं, ताश खेलने की आधुनिक तिथि फ़्रांसीसी हिस्ट्री की स्थिति को दर्शाती है. ताश के 52 पत्तों में कई रहस्य और कहानियां छुपी हैं. इन 52 पत्तों के विषय में ये किवदंती प्रचलित है कि ‘राजा’ ,’रानी’, ‘ग़ुलाम’ और ‘जोकर’ नाम इतिहास के लोकप्रिय राजाओं और उनकी रानियों से लिये गए हैं. फ़्रेंच डेक में Spades ‘रॉयल्टी’ के प्रतीक थे, पादरियों के लिए Hearts, व्यापारियों के लिए Diamonds और किसानों और मज़दूरों के लिए Clubs का इस्तेमाल किया जाता था. 

बादशाह-बेगम पर क्‍यों भारी है इक्‍का 

सैमुअल सिंगर बताते हैं कि, फ़्रांसीसी क्रांति (French Revolution) के बाद इक्का (Ace) डेक का शीर्ष कार्ड बन गया. आम लोगों द्वारा राजशाही उखाड़ फ़ेंकने के बाद इक्का (Ace) आम लोगों का प्रतीक बन गया. समय के साथ इसे  क्रांतिकारियों और आम लोगों का प्रतीक माना जाने लगा. इसीलिए ताश के खेल में राजा (King) से अधिक शक्तिशाली इक्का (Ace) होता है.