कायदे में रहोगे तो फ़ायदे में रहोगे. अरे धमकी नहीं दे रहे, जानकारी दे रहे हैं. क्या है न, जब कायदा-नियम पता हो, तो  आदमी होशियारी से अपना सब काम कर लेता है. अब मान लीजिए कि कभी आपकी ट्रेन छूट जाए, तो क्या कीजिएगा? ज़्यादातर लोग स्टेशन पर ही खड़े होकर मिमियाने लगते हैं. मगर जिसे नियम पता हो, वो तो भइया अगले स्टेशन के लिए सरपट दौड़ लगा देगा.

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जी हां, आप अगले स्टेशन पर जाकर भी अपनी ट्रेन पकड़ सकते हैं. मगर सवाल ये है कि आख़िर कितने अगले स्टेशन तक आपकी सीट सुरक्षित रहेगी. आपने भी देखा होगा कि कई बार जब सीट खाली होती हैं, तो टीटीई किसी और को वो सीट अलॉट कर देते हैं. ऐसे में पता चला आप तूफ़ान मचाकर ट्रेन में पहुंंचे, मगर तब तक सारा मामला ही ख़त्म हो गया. 

तो जान लीजिए इसका जवाब है दो स्टेशन. टीटीई आपकी सीट आपके स्टॉप से अगले दो स्टॉप तक किसी को भी नहीं दे सकता. लेकिन उसके बाद वो किसी और को टिकट अलॉट कर सकते हैं. हालांकि, इसमें समय को लेकर भी कुछ नियम होते हैं, जो ट्रेनों के हिसाब से तय होता है. 

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वैसे आपको बता दें, टेक्नोलॉजी और IRCTC के नियम दोनों में ही सुधार हो चुका है. अगर आपने ऑनलाइन टिकट कराया है, और जानते हैं कि ठीक समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाएंगे, तो आप अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन ही बदल सकते हैं. आईआरसीटीसी ट्रेन डिपार्चर से चार घंटे पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा देता है. 

अब इतना कुछ होने के बाद भी आप हमारी तरह अलसियाए प्राणी हैं, तो भी बहुत घबराने की ज़रूरत नहींं. क्योंकि, ट्रेन छूट जाने पर आप टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसीट) फाइल कर सकते हैं. इससे होगा ये कि आपको 50 फीसदी तक रिफंड मिल सकता है. इसके लिए आपको टिकट को 3 घंटे में कैंसिल करना होता है.

उम्मीद है ये जानकारी आपको पसंद आई होगी. और हां, काहे ट्रेन छोड़कर इतना माथा-पच्ची करना चाह रहे. चले जाओ सही टाइम पर स्टेशन.