सीधे पॉइंट पर आते हैं और जलेबी की तरह, बोले तो एकदम सीधी बात करते हैं! 

देश का कोई भी कोना हो 'जलेबी' एक ऐसी चीज़ है, जो लोगों को पसंद आती ही है. किसी शहर में सुबह-सुबह गरमा-गरम जलेबियां मिलती हैं, तो कहीं शाम के नाश्ते में खाने का चलन है. ये मीठी रस में सराबोर जलेबी मिनट में किसी का भी मूड ख़ुशनुमा बना देती है.

Source: The Citizen

अहिल्यानगरी, इंदौर में मिलती है एक ख़ास 'मावा जलेबी'. इसे बुरहानपुर की जलेबी भी कहा जाता है. मावा जलेबी ज़्यादा मीठी होती है और कुरकुरी नहीं होती. केसर और इलायची के स्वाद और सुगंध से लैस ये मावा जलेबी मीठे के शौक़ीनों को पसंद तो आयेगी ही, साथ ही मीठा पसंद न करने वालों को भी पसंद आएगी. 

Source: Whats Hot

अगर आपको सर्दियों में कुछ मीठा, गर्म-गर्म खाना है तो खोये की बनी ये जलेबी बेस्ट ऑपशन है. मावा जलेबी को खोवा, दूध और मैदा से बनाया जाता है. इस बैटर को गहरा भूरा रंग होने तक डीप फ़्राई किया जाता है. इंदौर में गर्म और ऊपर से ड्राई फ़्रूट्स डालकर परोसा जाता है.

मावा जलेबी देखने में ही इतने ग़ज़ब के होते हैं कि एक बार खाकर दोबारा न खान नामुमकिन ही है. घर पैक करवाकर ले जा सकते हैं लेकिन इशे दुकान पर ही गर्म-गर्म खाना ज़्यादा मज़ेदार है.

Source: Knock Sense

तो अगली बार इंदौर जाकर इसका स्वाद लेना न भूलना.