भारत अपने प्राचीन इतिहास के साथ-साथ अपने रहस्यों के लिए भी जाना जाता है. यहां कई ऐसी अद्भुत चीज़ें मौजूद हैं, जिनके जुड़े रहस्य का पता वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए हैं. यही वजह है कि भारत विश्व भर के सैलानियों और शोधकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. इसी क्रम में हम आपको भारत के एक ऐसे रहस्यमयी कुंड के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि अगर कोई इसके पास ताली बजाए, तो इसमें से पानी बाहर की ओर निकलता है. आइये, जानते हैं आख़िर क्या है इस कुंड की पूरी कहानी.

दलाही कुंड 

dalahi kund
Source: newstrend

इस रहस्यमयी कुंड का नाम है दलाही कुंड, जो भारत के झारखंड राज्य के बोकारो शहर से लगभग 27 किमी दूर स्थित है. इसी के बारे में कहा जाता है कि अगर कोई इस कुंड के पास ताली बजाता है, तो कुंड का पानी ऊपर की ओर आता है. अपने इसी चमत्कार की वजह से यह सुर्ख़ियों में बना रहता है और दूर-दूर से सैलानी इस कुंड का चमत्कार देखने के लिए यहां आते हैं.   

कुंड का पानी है गर्म 

dalahi kund
Source: newstrend

वहीं, इस कुंड के बारे में यह भी कहा जाता है कि इसका पानी इतना गर्म होता है कि मानों किसी ने अभी-अभी पानी उबालकर इसमें डाला हो. वहीं, इसके गर्म पानी में चालव भी बनाए जा सकते हैं.   

मौसम के विपरीत  

dalahi kund
Source: punjabkesari

जानकारी के अनुसार, इस कुंड का पानी मौसम के विपरीत ठंडा और गर्म होता है. गर्मियों में इसमें से ठंडा पानी निकलता है और वहीं सर्दियों में इस कुंड में गर्म पानी निकलता है. 

वैज्ञानिकों का क्या मानना है?

dalahi kund in jharkhand
Source: punjabkesari

इस कुंड को लेकर वैज्ञानिक शोध भी हो चुके हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस कुंड का पानी जमुई नाले से होता हुआ गरगा नदी में जाता है. ऐसी जगह पर पानी काफ़ी नीचे होता है. यही वजह है कि ताली बचाने से ध्वनि तरंगे उत्पन्न होती हैं और पानी ऊपर की ओर आता है. लेकिन, इससे अलग स्थानीय लोग इसे आस्था के नज़रिए से देखते हैं.

करता है मन्नतें पूरी 

dalahi kund
Source: zeenews

इस कुंड को लेकर लोगों की मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से मन्नते पूरी होती हैं. यही वजह है कि इस कुंड में स्नान करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आगमन होता है. वहीं, ऐसा भी कहा जाता है कि इस कुंड का पानी त्वचा संबंधी समस्याओं को भी ठीक कर सकता है. हालांकि, इस तथ्य में कितनी सच्चाई है, इसका कोई सटीक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.