'कोलकाता' का नाम सुनते ही ज़हन में दुर्गा पूजा, संदेस और सिनेमाघरों का ख़्याल आता है. कहा जाता है कि अगर पूरे भारत में सबसे ज़्यादा सिनेमा प्रेमी कहीं हैं, तो वो 'कोलकाता' में ही हैं. यही नहीं, देश के पहले सिनेमाहॉल की शुरूआत भी इसी शहर से हुई थी और आज भी यहां के थियेटर देशभर में काफ़ी प्रचलित हैं. हांलाकि, कुछ सिनेमाघरों की स्थित थोड़ी ख़राब हो चुकी है, जिस वजह से उन्हें आधुनिक ज़माने के हिसाब से पुनर्निर्मित किया गया है.

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आइये आज आपको कोलकाता के इन सबसे पुराने और ख़ूबसूरत सिनेमाघरों की सैर करा कर लाते हैं:

1. चैपलिन सिनेमा

चैपलिन सिनेमा सिर्फ़ कोलकाता का ही नहीं, बल्कि देश का पहला सिनेमाहॉल है. इसकी स्थापना 1907 में जमशेदजी फ़्रामजी मदान ने की थी, लेकिन अफ़सोस देश के इस पहले सिनेमाघर को 2013 में नगर निगम द्वारा धवस्त कर दिया गया था.

2. ग्लोब सिनेमा

ग्लोब सिनेमा को पहले ओपेरा हाउस के नाम से भी जाना जाता था. ओपेरा हाउस भारत के उन चुनिंदा सिंगल-स्क्रीन मूवी थियेटर में से एक था, जिसने अंग्रेज़ी फ़िल्मों की स्क्रीनिंग की थी.

3. लाइटहाउस सिनेमा

हुमांयू पैलेस स्थित ये सिंगल स्क्रीन थियेटर एक समय में सिर्फ़ हॉलीवुड फ़िल्मों की स्क्रीनिंग करता था. हांलाकि, बाद में इसे Citimart यानि एक मॉल में बदल दिया गया, जहां अब सिनेमाहॉल का नामो-निशान नहीं है.

4. न्यू एम्पायर

इसकी स्थपना 1932 में की गई थी, जो हमेशा से ही सिनेमा प्रेमियों के लिये आकर्षण का केंद्र रहा है. सिनेमाहॉल के अंदर 1000 सीट हैं और 1970-1989 के बीच इसकी देख-रेख का ज़िम्मा Warner Brothers के पास था.

5. पैराडाइज़

कोलकाता के पुराने सिनेमाघरों में पैराडाइज़ का नाम न आये, ऐसा नामुमकिन है. 1943 में बने इस सिनेमाहॉल में 730 लोग आसानी से आ सकते हैं. इसके साथ ही ये कोलकाता के लोगों का पसंदीदा सिनेमाहॉल है.

6. एलीट सिनेमा

काफ़ी कम लोगों को ये बात पता है कि 20वीं शताब्दी में Elite Cinema, Fox के आधीन था. हांलाकि, आधुनिकता के साथ-साथ चलने की होड़ में ये सिनेमाघर काफ़ी लॉस में चल रहा है.

7. रॉक्सी

Roxy सिनेमा की शुरूआत Opera House के रूप में हुई थी, जिसे बाद में थियेटर में बदल दिया गया. सिनेमाहॉल में आराम से 730लोग आ सकते हैं. इसके साथ ही इसमें 2K प्रोज़ेक्शन स्क्रीन, एक एसी पावर और डॉल्बी डिजिटल साउंड की भी सुविधा है.

8. मेट्रो सिनेमा

मेट्रो सिनेमा की शुरूआत 1935 में की गई थी, जिसका संचालन पहले Metro-Goldwyn-Mayer द्वारा किया जा रहा था. वहीं अब इसकी ज़िम्मेदारी मुंबई स्थित एक फ़र्म के पास है.

9. स्टार थियेटर

स्टार थियेटर को एक समय में समाजिक मुद्दों की डिबेट के लिये भी इस्तेमाल किया जाता था. कमाल की बात ये है कि पुराने सिनेमाहॉल में से एक स्टार थियेटर अभी भी चल रहा है और कॉलेज स्टूडेंट्स के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.

10. प्रिया सिनेमा

Eastern India में ऑनलाइन टिकट बुकिंग और Computerized Ticket Booking System की शुरूआत प्रिया सिनेमा ने ही की थी, जो कि कोलकाता वासियों के लिये काफ़ी राहत की ख़बर थी.

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