क़ाबिलियत साबित करने के लिये इंसान को उम्र नहीं दृढ़शक्ति की ज़रूरत होती है. अगर इंसान की इच्छाशक्ति मजबूत है, तो वो किसी भी उम्र में सफ़लता हासिल कर सकता है. इस बात का जीता जागता उदाहरण OYO फ़ाउंडर 27 साल के रितेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) हैं.

ritesh agarwal
Source: medium

रितेश ने क़रीब 20 साल की उम्र में Oyo Rooms की शुरुआत की थी और आज ये भारत की सबसे कामयाब इंटरनेट कंपनियों में से एक बन गई है. जहां लोग इतनी कम उम्र कॉलेज लाइफ़ एंजॉय करते हैं. वहीं रितेश ने अपनी नई सोच से होटल इंडस्ट्री सफ़लता की नई कहानी लिख दी.

Oyo के पास अपना होटल नहीं है, पर Rooms की कमी नहीं है 

इसे इंटरनेट की पॉवर ही कहेंगे कि रितेश ने बिना होटल के Oyo Rooms की शुरुआत कर डाली. रितेश ने Oyo की स्थापना आज नहीं, बल्कि भविष्य को देखते हुए की थी. उन्हें ख़ुद के हुनर पर भरोसा था और यही वजह थी कि उन्होंने Oyo Rooms बना कर करोड़ों का एम्पायर खड़ा कर डाला. सबसे अच्छी बात ये है कि इसके ज़रिये कई लोगों को नये रोज़गार के अवसर भी मिले.

Oyo Rooms
Source: financialexpress

पढ़ाई में नहीं लगा मन 

रितेश अग्रवाल पढ़ लिख कर राजा बाबू नहीं बनना चाहते थे. बचपन से ही उनका मक़सद कुछ अलग करना था. रितेश के माता-पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन रितेश ने अपना विज़न पूरा करने के लिये बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद कुछ नया करने निकल पड़े.

Oyo room founder
Source: bwbx

कभी बेचने पड़े थे सिमकार्ड

कॉलेज ड्रॉप करने करने के बाद रितेश नये जीवन की यात्रा पर निकल चुके थे. इस दौरान उन्हें पेट भरने के लिये 'सिम कार्ड' तक बेचने पड़े. उन्होंने गुज़ारा करने के लिये और भी बहुत सारे काम किये. मंज़िल की तलाश में निकले रितेश 2011 में दिल्ली आ पहुंचे और यहां आकर उन्होंने 'ओरावल' नामक वेबसाइट्स (Website) की नींव रखी.

ये भी पढ़ें: कैसे शराब की बोतल में बिकने वाला Rooh Afza बन गया भारतीयों की पहली पसंद 

Ritesh Oyo Rooms
Source: financialexpress

'ओरावल' का मक़सद कम दाम में लोगों को अच्छा रूम मुहैया कराना था. हांलाकि, शुरुआत में नाम की वजह रितेश के बिज़नेस को पहचान मिलने में दिक्कत हुई. इसके बाद रितेश ने इसका नाम बदल कर OYO Rooms रख दिया. नाम बदलते ही रितेश का काम चल पड़ा. आज वो 80,000 करोड़ रुपये का करोबार चला रहे हैं.

ritesh agarwal businessman
Source: arabianbusiness

कहां से आया आईडिया?

एक इंटरव्यू के दौरान रितेश ने बताया था कि जब वो बचपन में किसी भी रितेशदार के यहां जाते, तो वो लोग टीवी का रिमोट अपने पास ही रखते. यहीं से उन्हें OYO (ON YOUR OWN) रूम बनाने का आईडिया. ओडिशा के बिस्सम कटक गांव में जन्में रितेश का ये आईडिया कुछ ही सालों में प्रचलित हो गया. 2013 में वो Thiel Fellowship के '20 अंडर 20' के लिये भी चुने जा चुके हैं.

OYO
Source: tripadvisor

कम उम्र में सबके लिये प्रेरणा बनने वाले रितेश बिल गेट्स, स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग को अपनी प्रेरणा मानते हैं.