Rare Fruits In India: 90s के बच्चों से बात करने बैठो, तो वो हमेशा अपने ज़माने की ख़ूबसूरत चीज़ों की तारीफ़ों के पुल बांधते नज़र आते हैं. ‘हमारे ज़माने में ये होता था, हमारे ज़माने में वो होता था‘,वगैरह वगैरह. अगर एक बार वो पुरानी यादों का पिटारा आपके सामने खोल कर बैठ गए, तो उन्हें उससे बाहर ला पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन सा लगता है. 90s के समय की जनरेशन हमेशा आज के टाइम की जनरेशन की टांग खींचने का एक भी मौका मिस नहीं करती है. लेकिन अबकी बार जब भी 90s के समय के लोग अपने समय की तारीफ़ करते नज़र आएं, तो उन्हें एक बार इन फ्रूट्स के नाम गिनवा देना, यकीन मानिए इनका स्वाद तो दूर की बात रही, बल्कि इनका नाम भी उस ज़माने के लोगों को दूर-दूर तक नहीं पता होगा. जानेंगे भी कैसे, उस दौरान ये सभी फ़ल मार्केट से लापता थे. लोगों को इनके बारे में जानकारी ही नहीं थी.

तो चलिए बिना देर करते हुए आज हम आपको उन्हीं रेयर फ्रूट्स (Rare Fruits In India) के बारे में बता देते हैं, जिन्हें आज की जनरेशन चटोरे मार कर खाती है. 

Rare Fruits In India

1. एवोकाडो

ये एक ऐसा फल है, जो 90s के लोगों के नसीब में बिल्कुल भी नहीं था. ये साउथ इंडिया में उगता है और इसकी क़ीमतें आसमान छूती हैं. इसको सुपर फ़ूड कहा जाता है, क्योंकि मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फै़ट से भरपूर है. इसके साथ ही इसमें फ़ाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन बी2, बी3 और बी6 है. ये फल इंडियन मार्केट में 2000 के दशक में आया था और इसके बाद से ही लोग इसके बारे में जागरूक हुए हैं.  

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2. जंगली जलेबी

इसके फल हरे और पिंक कलर के होते हैं, जिसके अंदर 6-10 चमचमाते काले बीज होते हैं. ये एक मोटे मीठे गूदे में लिपटा हुआ होता है. इसका गूदा कच्चा भी खाया जा सकता है और आप इसका शरबत भी बना सकते हैं. ये फल भारत की स्वीट डिश जलेबी की तरह लगता है और इसलिए इसका नाम जंगली जलेबी है. ये भारत में तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में पाया जाता है.  (Rare Fruits In India)

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3. रामबुतान

ये फल बिल्कुल लीची की तरह दिखता है. ये ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है. ये गुलाबी, पीले, लाल, नारंगी, मैरून समेत कई रंगों में आता है. इसको रामबाउटन या रामबुस्तान भी कहते हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स ने पाया है कि ये फल डेंगू, कैंसर, एलर्जी जैसी बीमारियों से बचाता है. ये आपकी एनर्जी बढ़ाने में भी मदद करता है. 

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4. मैंगोस्टीन

मैंगोस्टीन (Mangosteen) एक विदेशी फल है, जिसकी पैदावार मूल रूप से दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में होती है. पहले के ज़माने में इस फल के बारे में लोग अनजान थे, पर आज इसको साउथ इंडिया में भी उगाया जाने लगा है. इसका स्वाद थोड़ा खट्टा और थोड़ा मीठा होता है. कई लोग इसे फ की रानी भी कहकर बुलाते हैं. ये वज़न घटाने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार है. (Rare Fruits In India)

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5. ब्लू बेरीज़

ये फल नॉर्थ अमेरिका, एशिया, यूरोप और साउथ अफ्रीका में पाया जाता है. भारत की कई जगहों में लोग इसे ‘नीलबदरी‘ भी कहते हैं. ये देखने में छोटे, गोल और नीले रंग के होते हैं. इनका स्वाद खाने में खट्टा-मीठा होता है. ये कोलेस्ट्रॉल को कम करने, डायबिटीज़ को कंट्रोल करने और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में सहायक है.

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6. तेंदू 

क्या आपने तेंदू के पेड़ का नाम कभी सुना है? इसके पत्तों से बीड़ी बनाई जाती है. इसकी लड़की चिकनी और काले रंग की होती है. इसका यूज़ फर्नीचर बनाने के लिए भी किया जाता है. ये कच्ची अवस्था में हल्के भूरे और पकी अवस्था में पीले रंग के होते हैं. इस फल के अंदर चिकना गूदा रहता है, जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं. ये मार्च और जून के महीने में फलते-फूलते हैं.

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7. कृष्णकमल फल

इसके पेड़ का फूल दुनिया के सबसे ख़ूबसूरत फूलों में गिना जाता है. इंग्लिश में इसे पैशन फ्लावर भी कहते हैं. ये पीले, लाल और पर्पल कलर का होता है. पहले ये साउथ अमेरिका में ही उगाया जाता है, लेकिन अब ये दुनियाभर में उगाया जाने लगा है.  

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8. कीवी

विटामिन और मिनरल्स से भरपूर कीवी के बारे में पुराने टाइम की जनरेशन अनभिज्ञ थी. इससे आज के समय में अपनी डाइट में शामिल ज़रूर करें. ये इम्यूनिटी मज़बूत करता है और दिल की बीमारी, बीपी की समस्या और डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी फ़ायदेमंद है. इसमें फ़ाइबर भी पाया जाता है, जो आपकी पाचनशक्ति को बढ़ा देता है. 

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9. ड्रैगन फ्रूट

ड्रैगन फ्रूट थाईलैंड, वियतनाम, इजरायल, श्रीलंका आदि जैसे देशों में काफी फेमस है, लेकिन अब भारत में भी इसे लोग पसंद करते हैं. यहां ड्रैगन फ्रूट की कीमत 200 से 250 रुपये किलो है. इसका इस्तेमाल जैम, आइसक्रीम, जैली प्रोडक्शन, फ्रूट जूस, वाइन आदि में किया जाता है. साथ ही, इसे फेस पैक्स में भी यूज करते हैं. 

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