बढ़ती उम्र के साथ-साथ महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं. इनमें से एक है ब्रेस्ट में बदलाव आना. कभी-कभी ब्रेस्ट में दर्द भी होता है, लेकिन जब ये दर्द सामान्य से ज़्यादा होने लगे, तो ग़ौर करने वाली बात है. तब आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. क्योंकि पिछले कुछ समय से महिलाओं में Breast Cancer की शिकायत ज़्यादा बढ़ रही हैं.

Source: standardmedia

ये रहे वो कारण:

Source: timesnownews

1. Breast Cancer होने की संभावना 40 की उम्र के बाद बढ़ जाती है.

2. गर्भ निरोधक गोलियों के सेवन और हार्मोनल गड़बड़ी के चलते भी Breast Cancer की समस्या होती है.
3. उम्रदराज़ महिला की पहली डिलीवरी के बाद स्तन कैंसर की संभावना बढ़ जाती है.
4. ब्रेस्ट या निप्पल के साइज़ में असामान्य बदलाव
5. निप्पल से दूध के अलावा भी लिक्विड निकलना
6. स्तन में लगातार दर्द रहना.

लक्षण:

1. पीरियड्स में हैवी फ़्लो होना

Source: health

ऐसा जेनेटिक या बहुत ज्यादा वर्कआउट करने से हो सकता है. या फिर यूट्रस मायोमा, एंडोमेट्रोसिस थायरॉइड डिसफ़ंक्शन के कारण हो सकता है. अगर यह केवल जेनेटिक है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. अगर आपको 7 दिन से ज़्यादा पीरियड्स हो रहे हैं और ब्लीडिंग ब्राइट रेड है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

2. मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग

Source: merisaheli

मेनोपॉज के बाद बहुत सी महिलाएं ब्लड आने की शिकायत करती हैं. ये खून यूट्रस कैंसर, गर्भाशय, मायोमा, और अन्य ख़तरनाक बीमारियों का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

3. शरीर के किसी भी हिस्से पर बाल उगना

Source: verywellhealth

शरीर पर बालों का बढ़ना हार्मोन में बदलाव के कारण होता है. इससे Breast Cancer और एंडोमेट्रियल रोग होने का जोखिम हो सकता है. इस मामले में आपको तुरंत एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए.

4. अचानक वज़न कम होना

Source: webmd

अगर आपका वज़न कम हो रहा है, तो आपको ख़ुश होने की ज़रूरत नहीं है. कभी-कभी ये क्रोनिक डिज़ीज़, टाइप 2 डायबिटीज़ या कैंसर का लक्षण हो सकता है. अगर पिछले 6-12 महीनों में आपका वज़न 10-15 पाउंड कम हो गया है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

ऐसे करें बचाव

Source: rd

1. आपको ख़ुद हर महीने Breast की जांच करनी चाहिए कहीं कोई गांठ तो नहीं.

2. अगर किसी महिला को स्तन में गांठ हो तो डॉक्टर से सलाह लें.
3. 40 साल की उम्र में एक बार और फिर हर दो साल में मेमोग्राफ़ी करवानी चाहिए ताकि शुरुआती स्टेज में ही स्तन कैंसर का पता चल जाए.
4. इससे बचने के लिए हर रोज़ दौड़ें. इसके अलावा नशीले पदार्थों के सेवन से भी बचें.
5. साबुत अनाज, फल व सब्ज़ी को अपने आहार में शामिल करें.

आपकी सेहत आपके हाथों में है इसलिए इससे खिलवाड़ न करें, बल्कि अपना ध्यान रखें.