ताश के पत्तों का ज़िक्र आते ही हमारे दिमाग़ में सबसे पहले जुआ (Gambling) नाम का शब्द घूमने लगता है. ताश के पत्तों से जुवा खेलना बुरी बात है, लेकिन आप इन पत्तों से कई तरह के मज़ेदार गेम खेल सकते हैं. आपने अक्सर मैजिशियन को ताश के पत्तों से कई तरह के हैरान कर देने वाले 'मैजिक ट्रिक' करते हुए देखा होगा. आप भी कोई मैजिक ट्रिक सीखकर दोस्तों के मज़े ले सकते हैं और उन्हें हैरान-परेशान कर सकते हैं.

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52 Cards
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ताश के पत्तों का इतिहास बेहद पुराना है. भारत में प्रचलित ताश के पत्ते ब्रिटेन की देन हैं. भारत में इन पत्तों पर अंकित प्रतीकों को पान, चिड़िया, ईंट और हुकुम कहते हैं. किंग, क़्वीन और ज़ोकर इस खेल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी माने जाते हैं. इन चिन्हों का अंकन सर्वप्रथम एक फ्रांसीसी ने 16वीं शताब्दी में किया था. इसलिए हमें शाही पत्तों में ट्यूडर राजाओं की वेशभूषा दिखाई पड़ती है. 18वीं सदी के अंत में टॉस के पत्तों को रीडिज़ाइन किया गया था.

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ताश के 52 पत्तों के 1 सेट को Packet या Deck कहते हैं. इन सभी 52 पत्तों को बेहद ख़ास तरीके से डिज़ाइन किया जाता है. हर पत्ते की अपनी एक अलग पहचान होती है. ताश के 52 पत्तों में कई रहस्य और कहानियां छुपी होती हैं. ताश के 52 पत्तों के विषय में ये किवदंती प्रचलित है कि राजा ,रानी और ग़ुलाम सभी इतिहास में लोकप्रिय राजाओं उनकी रानियों से लिये गए हैं.

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आप जानते ही होंगे कि ताश के 52 पत्तों में से 4 King कार्ड होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की कि इनमें से 3 किंग कार्ड में King की मूछें होते हैं, लेकिन चौथे किंग कार्ड में King की मूछें क्यों नहीं होती हैं?  

4 kings in cards
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दरअसल, ताश के 52 पत्तों में से जिस कार्ड में 'King' की मूछें नहीं होती हैं उसे King of Hearts कहते हैं. ताश के खेल में 'King of Hearts' बेहद मायने रखता है. ये कभी-कभी हारते हुए खिलाड़ी को भी जीत दिला देता है. इसे 'King of Hearts' इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इसका प्रतीक दिल (Hearts) या पान का पत्ता है.

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'King of Hearts' की मूछें क्यों नहीं होती हैं? 

ब्रिटिश न्यूज़ पेपर The Guardian के मुताबिक़, जब ताश के 52 पत्ते डिज़ाइन किये जा रहे थे डिज़ाइनर ग़लती से एक कार्ड में King की मूछें बनाना भूल गया था. तब से लेकर अब तक King of Hearts बिना मूछों वाले 'King' के तौर पर मशहूर है. हालांकि, शुरुआत में इस राजा की भी मूछें हुआ करती थीं.

King of Hearts
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इस ग़लती को सही क्यों नहीं किया गया इसके पीछे भी एक कहानी है. कहा जाता है कि ये फ़्रेंच किंग 'शारलेमेन' की तस्वीर है. किंग शारलेमेन दिखने में बेहद सुंदर और लोकप्रिय थे. इसीलिए उन्होंने सबसे अलग दिखने की चाह में अपनी मूंछें हटा दी थीं. इसीलिए 'किंग शारलेमेन' की याद में इस ग़लती को सही नहीं किया गया. 'King of Hearts' के नाम से एक हॉलीवुड फ़िल्म भी बन चुकी है, उसमें भी राजा की मूछें नहीं थीं. 

ताश के पत्तों पर कौन-कौन से राजा हैं? 

कहा जाता है कि ताश के 52 पत्तों में से 4 King Kards इतिहास के कुछ महान राजाओं का प्रतिनिधित्‍व करते हैं- 

1- King of Spades (हुकुम का बादशाह):- प्राचीनकाल में इज़रायल के किंग डेविड थे.  

2- King of Clubs (चिड़ी का बादशाह):- इस पत्‍ते पर मेसाडोनिया के किंग सिंकदर महान हैं. 

3- King of Diamonds(हीरों का राजा):- इस पत्‍ते पर रोमन किंग सीजर ऑगस्टस हैं. 

4- King of Hearts (दिलों का बादशाह:- इस पत्‍ते पर फ्रांस के किंग शारलेमेन हैं, जो रोमन साम्राज्‍य के भी पहले राजा था.

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