यूं तो Starbucks पूरी दुनिया में अपनी कॉफ़ी के लिए जाना जाता है, लेकिन अब इनके आउटलेट्स में कई प्रकार के स्नैक्स से लेकर अलग-अलग तरह की ड्रिंक्स भी मिलने लगी हैं. धीरे-धीरे स्टारबक्स अपनी पहुंच दुनिया के हर शख़्स तक बनाने की कोशिश कर रहा है.

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बाकी चीज़ों को छोड़ भी दें तो इसकी काफ़ी के दीवाने आपको पुरी दुनिया में मिल जाएंगे. किसी को स्टारबक्स की ब्लैक कॉफ़ी पसंद है तो किसी को स्वीट कॉफ़ी. इसका ग्रीन कलर का लोगो देखते ही लोगों के मन इनके प्रोडक्ट्स को खाने-पीने की तलब जाग उठती है. इस कंपनी का Logo भी ख़ास है, लेकिन इसमें एक छोटी सी ग़लती भी है, क्या आपने कभी नोटिस की है?

Starbucks के लोगो का इतिहास

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Starbucks के लोगो में छुपी ग़लती के बारे में जानने से पहले जानते हैं कि इसके लोगो का इतिहास. स्टारबक्स के प्रतीक चिन्ह में जो स्त्री दिखाई देती है असल में वो एक जलपरी है, जिन्हें Siren कहा जाता था. ये ऐसी जलपरी होती थीं जो अपनी मधुर आवाज़/गाने के ज़रिये नाविकों को चट्टानी इलाकों की तरफ आकर्षित करती थीं. 

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स्टारबक्स के प्रवक्ता Tyler Krivich के अनुसार, Siren वाला ये लोगो कंपनी को कुछ समुद्र पर लिखी गई क़िताबों में मिला था. जबकि कंपनी का नाम लेखक Herman Melville की नॉवेल Moby Dick से लिया गया है. बीते कई सालों में इसके लोगो में कई बदलाव भी किए गए हैं. 1987 में इसके चिन्ह का रंग भूरे से हरा कर दिया गया. फिर 1992 में ये कुछ मॉर्डन हो गया और 2011 में इसका वर्तमान वाला लोगो बनाया गया.

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इस बार जलपरी को पूरी तरह बदल दिया गया और स्टारबक्स कॉफ़ी शब्द हटा लिया गया. जलपरी के बाल मॉर्डन हो गए और उसके चेहरा पहले से अधिक ख़ास हो गया. इसके चहरे में एक कमी है, जिसे ख़ुद स्टारबक्स का लोगो डिज़ाइन करने वालों ने ही बनाया है.  

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दरअसल, कंपनी का मानना है कि कुछ भी परफ़ेक्ट नहीं होता और अपूर्णता ही इंसानियत की निशानी है. इसलिए उन्होंने जलपरी के सीधे हिस्से में अधिक परछाई बना दी. हालांकि, इसे ऊपरी तौर पर देख पाना मुश्किल है, लेकिन अगर आप इसे गौर से देखेंगे को आपको ये समझ आ जाएगा. 

तो अगली बार जब आप Starbucks की काफ़ी लें तो उसके लोगो को ध्यान से देखना इसकी कमी आपको साफ़ नज़र आ जाएगी.