खीर... आज भी मेरी फ़ेवरेट डिश है. ये एक ऐसी डिश है जिसे शायद ही कोई नापसंद करता हो. एक दौर था जब हमारे पास डेज़र्ट के नाम पर 'खीर' ही एकमात्र ऑप्शन हुआ करती थी. मेहमान घर आए तो मीठे के तौर पर 'खीर' ही बनाई जाती थी. आज भी इसके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है. लेकिन अब ये काफ़ी मॉर्डन हो चुकी है.

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महाराष्ट्र का पुणे शहर हमेशा से ही अपने खानपान के लिए काफ़ी मशहूर है. इन दिनों पुणे के 'La Kheer Deli' (LKD) आउटलेट की खीर देशभर में काफ़ी पॉपुलर हो रही है. इस आउटलेट पर आपको न्यूट्रेला, ब्राउनी, चॉकलेट, ओरियो और गुलकंद फ़्लेवर वाली खीर की अलग अलग वैराइटी मिल जाएंगी.  

इस आउटलेट की शुरुआत साल 2019 में शिवांग सूद और शिविका सूद नाम के दो भाई-बहन की जोड़ी ने की है. खीर को इस तरह से लोगों तक पहुंचाने का ये आईडिया इन दोनों का ही था. आज इस आउटलेट की खीर पुणे ही नहीं, बल्कि भारत के कई शहरों में काफ़ी मशहूर है.  

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कैसे हुई इसकी शुरुआत?  

'द बेटर इंडिया' से बातचीत में 27 वर्षीय शिवांग सूद का कहना था कि, जब हम छोटे थे, मां हमारे लिए खीर बनाया करती थीं. हमारा पूरा परिवार इसे प्यार बड़े चाव से खाता था. साल 2017 की बात है मेरी बहन, शिविका खीर से ऊब गई थी, इसलिए उसने अपने खीर के कटोरे में एक चम्मच नुटेला और ओरियो डालने का फ़ैसला किया और उसे खीर बेहद स्वादिष्ट लगी. 

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इसके बाद शिविका के कहने पर मां ने गुलकंद और ब्राउनी डालकर खीर बनाना शुरू किया. इन दोनों ही फ़्लेवर की खीर घर वालों को भी काफ़ी आने लगी. धीरे-धीरे मां ने अन्य फ़्लेवर की खीर भी बनानी शुरू कर दी. मां के हाथ से बनी अलग-अलग फ़्लेवर की ये खीर हमारे परिवार को ही नहीं, बल्कि रिश्तेदारों और आस पड़ोसियों को भी काफ़ी पसंद आने लगी.  

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'मैं पहले से अपना एक स्पोर्ट्स स्टार्टअप चला रहा था. इस बीच शिविका और मेरे दिमाग़ में आईडिया आया कि क्यों न इस खीर को शहर के अन्य लोगों तक पहुंचाया जाए, लेकिन समस्या ये थी कि इन्वेस्टमेंट के लिए पैसा कहां से आएगा. इसके बाद हमने 19 मई, 2017 को पुणे के औंध में 'स्टारबक्स' के बाहर एक ठेले पर मां के हाथ की बनी अलग-अलग फ़्लेवर की खीर बेचनी शुरू कर दी.  

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शिवांग कहते हैं, मुझे आज भी अच्छे से याद है, पहले दिन दोस्तों की मदद से हमने खीर के सभी 44 डिब्बे बेच दिए थे. अगले दिन मां ने 82 डिब्बे बनाए, जबकि तीसरे दिन 100 डिब्बे बनाए और सभी बिक गए. इसके बाद हमने इसके विस्तार की योजना बनाई. मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से हमने इसकी ब्रांडिंग शुरू की. इस बीच हमें ग्राहकों की तरफ़ से अच्छा रेस्पोंस मिलने लगा और ग्राहकों ने प्री-ऑर्डर करना शुरू कर दिया. 

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इसके बाद सूद परिवार ने साल 2018 में पुणे की जेएम रोड पर एक दुकान स्थापित की. इस दौरान कमाई 2017 में 33 लाख रुपये से बढ़कर 2018 में 84 लाख रुपये तक पहुंच गई, जबकि 2019 और 2020 में 1 करोड़ रुपये से अधिक हो गई.  

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पुणे के 'La Kheer Deli' आउटलेट की खीर आज भले ही देशभर में काफ़ी पॉपुलर हो रही हो, लेकिन इसे सफ़ल बनाने के लिए 52 वर्षीय सोनिया सूद ने अपना सब कुछ इसके प्रति समर्पित कर दिया था. अपने बच्चों की मदद से उन्होंने अपने इस पैशन को प्रोफ़ेशन में बदलने के लिए स्कूल शिक्षक की नौकरी तक छोड़ दी थी.