अहिल्यानगरी इंदौर (Indore) से लगभग 180 किलोमीटर दक्षिण में है शहर बुरहानपुर (Burhanpur). बुरहानपुर के जलेबा को पूरे भारत में मशहूर है, लेकिन ये शहर सिर्फ़ मिठाई के लिये ही मशहूर नहीं है. आगरा के मशहूर संगमरमर के मक़बरे, ताजमहल (Taj Mahal) को दुनिया ने मोहब्बत की निशानी के रूप क़ुबूल किया है. इसकी ख़ूबसूरती आज भी किसी को भी सम्मोहित कर दे. 


एक लेख की मानें तो मुग़ल बादशाह शाहजहां (Shah Jahan) ने ताजमहल का आईडिया मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बुरहानपुर से लिया. आगरा के ताजमहल और काला ताजमहल की बनावट मिलती-जुलती है, लेकिन इस बात का कोई ठोस सुबूत नहीं मिला की शाहजहां ने इसी मक़बरे से ताजमहल बनाने का Idea लिया.

Black Taj Shah Nawaz Khan
Source: Trip Advisor

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जानिये काले ताजमहल के बारे में 

आगरा का सफ़ेद ताज महल शाहजहां ने अपनी बेग़म मुमताज़ की याद में बनवाया था. आर्किटेक्चर (Architecture) की दृष्टि से उत्कृष्ट है ये मक़बरा. शाहजहां को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर स्थित, काला ताजमहल से ही आगरा में संगमरमर का ताजमहल बनाने का आईडिया लिया.


ग़ौरतलब है कि बुरहानपुर स्थित, ऐतिहासिक धरोहर, काला ताजमहल के बारे में कम ही लोग जानते हैं. लंबे समय तक समय और मौसम की मार, पशु-पक्षियों का उत्पात और सरकार की बेरुख़ी झेलने के बाद 2019 में भारतीय पुरतत्व एवं सर्वेक्षण विभाग ने इसकी साज-सज्जा और रख-रखाव पर ध्यान दिया और आज ये धरोहर सीना ताने खड़ी है.  

Black Taj Mahal Burhanpur
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शाहनवाज़ ख़ान का मक़बरा 

इतिहासकारों की मानें तो काला ताजमहल, शाहनवाज़ ख़ान का मक़बरा है. अब्दुल रहीम खानखाना का बड़ा पुत्र था शाहनवाज़ ख़ान. बुरहानपुर में जन्मे ख़ान की बहादुरी और शौर्य ने उसे मुग़ल फौज का सेनापति बनने का अवसर दिया. शाहनवाज़ ख़ान और उसकी पत्नी को जिस जगह पर दफ़नाया गया वहीं काला ताजमहल बनाया गया. 

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The Hindu के एक लेख के मुताबिक़, काले पत्थर से बनाये इस मक़बरे को वक़्त की मार ने और काला बना दिया है. मक़बरे को क़रीब से देखने पर समझ आता है कि एक दौर में ये कितना नायाब रहा होगा.

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बुरहानपुर में ही शाहजहां की दूसरी पत्नी, मुमताज़ ने आख़िरी सांस ली थी और यहीं पर मक़बरा बनना था. बुरहानपुर की मिट्टी में दीमक और कीड़े-मकोड़े ज़्यादा होने की वजह से ताजमहल को आगरा में बनवाया गया. बुरहानपुर का काला ताज आज धूल खा रहा है और ये उतना मशहूर नहीं हो पाया जितना बाक़ी मुग़लकालीन इमारतें हुईं.