Why Do Biscuits Have Holes in Them : चाय के शौक़ीन आपको हर भारतीय घरों में मिल जाएंगे. वहीं, कुछ लोग तो चाय के फ़ैन होते हैं और ऐसे लोग दिन में किसी भी वक़्त चाय पी लेते हैं. वहीं, चाय के साथ भारत में बिस्कुट खाने का भी चलन है. यही वजह है भारत में दुनिया भर के बिस्कुट के ब्रांड उपलब्ध हैं. नमक़ीन, मीठा, मिल्की व जीरा, न जाने कितने फ़्लेवर के बिस्कुट आपको यहां दिख जाएंगे. वहीं, टेस्ट के साथ-साथ बिस्कुट विभिन्न डिज़ाइन के भी आते हैं, लेकिन क्या कभी आपने गौर किया है कि अमूमन बिस्कुटों में छोटे-छोटे छेद क्यों किये जाते हैं? बहुत लोग इसे सिर्फ़ डिज़ाइन ही समझेंगे, लेकिन आपको बता दें कि इससे पीछे डिज़ाइन नहीं, बल्कि वैज्ञानिक कारण है.  

आइये, अब लेख में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं बिस्कुटों में छोटे-छोटे छेद (Why Do Biscuits Have Holes in Them) करने के पीछे का वैज्ञानिक कारण.    

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कैसे बनते हैं बिस्कुट? 

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फ़ैक्ट्री में बिस्कुट चार प्रक्रिया से होकर गुज़रते हैं. पहला मिक्सिंग, दूसरा फ़ॉरमिंग, तीसरा बेकिंग और चौथा कूलिंग. मिक्सिंग प्रक्रिया में आटा, नमक, चीनी व अन्य सामग्री को Dough बनाने के लिए एक मिक्सिंग कंटेनर में डाल दिया जाता है. इसके बाद फ़ॉरमिंग प्रक्रिया के तरह बिस्कुटों को आकार दिया जाता है और साथ ही इनमें छेद भी किए जाते हैं. वहीं, इसके बाद बिस्कुटों को बेकिंग के लिए बढ़ाया जाता है. बेक होने के बाद इन्हें ठंडा कर पैक कर लिया जाता है.  

क्यों किए जाते हैं छोटे-छोटे छेद?  

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Why Do Biscuits Have Holes in Them : बहुत लोग सोचते होंगे कि बिस्कुटों में किए जाने वाले छोटे-छोटे छेद डिज़ाइन के लिए किए जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि बिस्कुट अच्छी तरह से बेक हो सकें. बिस्कुट के छोटे-छोटे छेद को Docking Holes कहा जाता है, जो बेकिंग प्रोसेस के दौरान भाप को अच्छी तरह से गुज़रने में मदद करते हैं. इससे बिस्कुट बिना छेद वाले बिस्कुट व केक की तरह फूलते नहीं हैं. इसलिए, आपने देखा होगा कि जिन बिस्कुटों में छेद होते हैं, वो ज़्यादा मोटे नहीं, बल्कि सपाट होते हैं.  

बबल्स को रोकने का काम 

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Why Do Biscuits Have Holes in Them : वहीं, इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि जो गूंथा हुआ आटा यानी Dough होता है, उसमें कई एयर बबल्स होते हैं. वहीं, बेकिंग प्रोसेस के दौरान ये बबल्स फूलने लगते हैं और इससे बिस्कुट या केक का आकार मोटा हो जाता है. वहीं, ये छोटे-छोटे छेट यानी डॉकर्स इन बबल्स को रोकने का काम करते हैं, जिससे बिस्कुट सपाट और क्रिस्पी होते हैं.  

छेदों की सही पोजिशनिंग भी ज़रूरी है 

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बिस्कुट को सपाट और क्रिस्पी बनाने के लिए सिर्फ़ बात सिर्फ़ छेद करने तक ही सीमित नहीं है, छेदों की सही पोजिशनिंग भी ज़रूरी है वरना बिस्कुट बहुत सख़्त हो जाएंगे या बहुत ही मुलायम. बिस्कुटों को क्रिस्पी और सपाट बनाने के लिए छेद एक दूसरे के नज़दीक किए जाते हैं, अगर छेद दूर किए जाएंगे, तो बिस्कुट सही से नहीं बन पाएंगे. इसके अलावा, बिस्कुटों पर छेदों की संख्या भी मायने रखती है.