घूमने-फिरने का शौक है तो अकसर आप दोस्त, फ़ैमिली या रिश्तेदारों के साथ घूमने जाते ही हैं. लेकिन कई बार जब दोस्त को छुट्टी नहीं मिलती या उसका बजट ठीक नहीं होता, तो उसकी वजह से आपने भी अपना घूमने का प्लान कैंसिल किया होगा.

पर क्या आपने कभी अकेले घूमने की सोची है? जी हां! Solo Traveling. वैसे ये सबको नहीं पसंद होती, मगर जो असली घुमक्कड़ होते हैं, उन्हें सोलो ट्रिप में ही मज़ा आता है.

आप सोच रहे होंगे अकेले घूमने में क्या मज़ा है? तो हम आपको बताते हैं सोलो ट्रिप के फ़ायदे.

1. ख़ुद के साथ वक़्त बिताना अच्छा लगेगा

‘रीवाइटल’ का वो Ad याद है? ‘इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में थकना मना है. ‘हां! तो भाईसाहब थकना मना है, मगर सोचना मना नहीं है. लेकिन शायद हममें से कुछ ही लोग ज़िन्दगी की इस भाग-दौड़ में अपने बारे में कुछ सोचते हैं. ऐसे में सोलो ट्रैवेलिंग ख़ुद को जानने और समझने का एक मौका है. यकीन मानिये इस काम में आपको मज़ा भी आएगा और ज़िन्दगी से आपका प्यार भी बढ़ेगा.

2. किसी की इच्छा के ग़ुलाम नहीं, मनमौजी हैं आप

अगर आप अकेले ट्रैवेल करते हैं तो आप पर किसी और की इच्छा के अनुसार खाने-पीने, रहने और घूमने का दबाव नहीं रहता. ग्रुप ट्रिप्स में कई बार आपको अपनी इच्छा इसलिए मारनी पड़ी होंगी, क्योंकि आप दूसरों से थोड़ा अलग सोचते हैं. ऐसे में सोलो ट्रेवल में मनमौजीपन का अपना मज़ा है.

3. घूमेंगा तो Confidence आएंगा. क्या समझा?

अजनबियों से बात करना, उनसे रास्ता पूछना, उनकी मदद मांगना, उनकी मदद करना, ठगों से ख़ुद को बचाना और मुश्किलों से जूझना, ऐसे बहुत से काम हैं, जो आपके Confidence को बढ़ाते हैं. क्योंकि अकेले होने पर आपको किसी और से मदद की उम्मीद नहीं होती, जो करना हो ख़ुद ही करना होता है.

4. कम्युनिकेशन स्किल निखर जाएगी बॉस

घूमने-फिरने में अकसर रास्तों और दुकानों के लिए आस-पास के लोगों पर निर्भर रहना पड़ता है. ऐसे में अगर आप अकेले निकले हैं, तो उन लोगों से आपको ही बात करनी पड़ेगी. इससे आपकी कम्युनिकेशन स्किल भी सुधरेगी.

5. थोड़ा कल्चर-वल्चर देखेंगे तो दुनिया की समझ बढ़ेगी

आप जब दोस्तों और परिवार के साथ होते हैं, तो ज़्यादातर समय एक-दूसरे से बात और एक-दूसरे से हंसी-मज़ाक करने में बिता देते हैं. ऐसे में आप उस जगह के कल्चर, जीवन शैली, बोली-भाषा की मिठास और लोगों के व्यवहार पर ज़्यादा ध्यान नहीं देते. जबकि ये ऐसी चीज़ें हैं, जो आपकी उस जगह की समझ और दुनियादारी की समझ बढ़ाते हैं.

6. सफ़र में अजनबी मगर दिलचस्प हमसफ़र मिलेंगे

इस तरह के सफ़र में हमें अक्सर ऐसे दोस्त मिल जाते हैं, जो अजनबी होते हुए भी प्यारे लगने लगते हैं. कई बार तो ऐसे सफ़र में ही लोगों को उनका Better Half मिल जाता है. ये इसलिए होता है क्योंकि ज़्यादातर घुमक्कड़ों की सोच और उनके Interest Common होते हैं. इसके अलावा अलग-अलग जगहों के अजनबियों से मुलाक़ात, मज़ेदार और यादगार होती है.

7. पॉकेट कितनी ढीली करनी है, ये आप तय करेंगे

ग्रुप में घूमने पर अक्सर फ़िज़ूलख़र्ची बहुत होती है क्योंकि जब आप नीम्बू पानी पीते हैं, तो बाकी लोगों को नारियल पानी चाहिए और जब आप कढ़ाई पनीर लेते हैं, तो बाकी लोगों को अफ़गानी पनीर चाहिए. इसलिए अकेले घूमने में आप ख़ुद के लिए जितना चाहें, जैसे चाहें, जहां चाहें ख़र्च कर सकते हैं.

8. ख़ुद के फ़ैसलों को समझने का मौक़ा मिलेगा

सोलो ट्रिप की सबसे अच्छी चीज़ ये है कि किसी भी ग़लती के ज़िम्मेदार ख़ुद आप ही होते हैं. ऐसे में आप किसी समस्या का हल खोजते हैं या किसी तरह का कोई निर्णय लेते हैं, तो आपके फ़ैसले कितने सही कितने ग़लत होते हैं, ये आप ख़ुद जान सकते हैं.

9. यूं लगेगा वक़्त ठहर गया है

वक़्त का ठहरना या धीरे चलना आपने गानों में ही सुना होगा, महसूस नहीं किया होगा. मगर जब आप अकेले घूमेंगे तो आपको वक़्त बहुत धीरे गुज़रता मालूम पड़ेगा. इसकी वजह ये है कि अकसर लोगों के साथ बातचीत और हंसी मज़ाक में हम वक़्त पर ध्यान नहीं देते. मगर अकेले में आप दिन के हर सेकंड को जी रहे होते हैं.

10. यादों और अनुभवों का बड़ा खज़ाना यहीं मिलेगा

ये सारे फ़ायदे तो हुए सफ़र के दौरान. अब एक ऐसा फ़ायदा भी है, जो सफ़र के बाद भी आपको मिलेगा. वो ये कि अकेले किये हुए सफ़र की यादें आपके दिमाग़ में लम्बे समय तक बनी रहती हैं और उनका अनुभव भी ज़िन्दगी में बड़ा काम आता है, क्योंकि जब आप अकेले होते हैं, तब चीज़ों को ज़्यादा गहराई से देखते और समझते हैं.

तो इंतज़ार किसका कर रहे हैं? सामान पैक कीजिए और निकल जाइए इस वीकेंड ख़ुद को खोजने और दुनिया को समझने. सिंगल लोगों! आपको तो किसी की परमीशन भी नहीं लेनी. क्या पता इसी सफ़र में आपकी ज़िन्दगी के सितारे चमक जाएं.