महंगाई के इस दौर में 10 रुपये में खाने को क्या मिलता है? चिप्स या बिस्कुट का पैकेट! इससे ज़्यादा आप किसी चीज़ की उम्मीद भी क्या कर सकते हैं. ऐसे महंगे समय में भी एक दिल्ली का एक भोजनालय महज़ 10 रुपये में भर पेट खाना खिला रहा है. 10 रुपये में जो चाहे, जितना चाहे जी भर खा सकता है. लोगों की सेवा में खुला ये भोजनालय पूर्वी दिल्ली में बाबरपुर-मौजपुर मेट्रो स्टेशन के बगल में है. जिसकी टैगलाइन है पेट भर खाना 10 रुपये.

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ज़रूरतमंदों के लिये इस रेस्टोरेंट की शुरूआत किरन वर्मा नामक शख़्स ने लॉकडाउन में की थी. किरन हमेशा से ही सामाजिक कार्य में हाथ बंटाते आये हैं. उन्हें भोजनालय खोलने का आईडिया उस समय आया, जब उन्होंने लॉकडाउन के कारण अपने दोस्त को खाने के लिये मोहताज देखा. किरन का दोस्त कपड़े की एक दुकान में काम करता था. कोविड-19 की वजह से दोस्त की जॉब गई और वो नशे का आदी हो गया.

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जब वो अपने दोस्त से मिलने गये, तो उसकी हालत देख कर उनका दिमाग़ ख़राब हो गया. इसके बाद उन्होंने उन सभी लोगों के बारे में सोचा, जो उनके दोस्त की तरह खाने-खाने को मौहताज थे. किरन ने भोजनालय के लिये उन 10 लोगों को नौकरी पर रखा, जिन्होंने लॉकडाउन में अपनी नौकरी खो दी थी. किरन हर महीने रेस्टोरेंट की जगह के लिये 60 हज़ार रुपये किराया अदा करते हैं.

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ज़रूरतमंदों के लिये खोले गये इस रेस्टोरेंट में लोगों को एक सब्ज़ी, दाल, चावल, पूड़ी और भर पेट हलावा मिलता है. वीकेंड का मेन्यू अलग होता है. भोजनालय सिर्फ़ दिन में इसलिये खुला रहता है, क्योंकि शाम को ज़्यादातर नशेड़ी नशे में खाने-पीते हैं. इसलिये उन्होंने शाम खाने का सिस्टम नहीं रखा. हर रोज़ हज़ारों लोगों खाना खिलाने वाले किरन चार साल से को बढ़ावा देने के लिये ग़ैर सरकारी संगठन चला रहे हैं.

ऐसे लोग इंसान के रूप में भगवान होते हैं.