शिक्षा मनुष्य को बेहतर से बेहतरीन बनाती है, मगर सभी इतने भाग्यशाली नहीं होते हैं, जिन्हें आसानी से शिक्षा मिल सके. हम कहते तो हैं हम एक सामाजिक प्राणी हैं, मगर जब हमें अपने समाज को लौटाने की बारी आती है, तो हम अकसर उधेड़बुन में रहते हैं. हालांकि, कुछ लोग ऐसे सवालों का जवाब ज़रुर देते हैं. वो पूरी तरह से समाज के प्रति समर्पित भी होते हैं. हम आपको पंजाब के लुधियाना शहर के रहने वाले 50 वर्षीय हरी ओम जिंदल की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़ कर आप गदगद हो जाएंगे.

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पंजाब के लुधियाना शहर के रहने वाले हरी ओम जिंदल कभी अंतर्राष्ट्रीय ग्लोबल ट्रांसपोर्टेशन (International Global Transportation) का करोबार करते थे, लेकिन आज उन्होंने ये सब छोड़कर झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है. पेशे से वकील हरी ओम जिंदल लुधियाना में ही वकालत करते हैं.

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आज अपनी वजह से ओम शहर के 35 गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ये बच्चे काबिल बन सकें इसके लिये वो जल्द ही स्किल डेवलपमेंट (Skill Development) से जुड़ा एक कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं.

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साल 2014 से उन्होंने लुधियाना के डेरी कॉम्पलेक्स इलाके के पास बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू किया. शुरुआत में ओम बच्चों को टॉफी, चॉकलेट और गिफ्ट देते थे. इसके बाद बच्चों का उन पर भरोसा बढ़ गया और वे ओम से पढ़ने लगे.

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अपनी कोशिश से ओम एक बेहतर समाज बना रहे हैं. उनकी मेहनत और कोशिश से एक नया भारत बन रहा है. 

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