मध्य प्रदेश से एक चौंका देने वाली ख़बर सामने आई है. दरअसल, दमोह ज़िले के एक गांव में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्लेट में उन्हें मिड-डे मील दिया जाता है, उसी थाली से उनसे शौचालय साफ़ करवाया गया. बच्चों के इस ख़ुलासे से सभी दंग हैं. मामले को संज्ञान में लेते हुए, प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं स्कूल ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है.

बीते गुरुवार को बच्चों के माता-पिता स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रशासन से मामले की शिकायत की. स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के पिता गुड्डू कुशवाहा बताते हैं, 'स्कूल के शिक्षकों ने मेरी बेटी से खाने की प्लेट से टॉयलेट साफ़ करवाई. स्कूल से छूटने के बाद, जब वो घर आई तो उसने स्कूल में सभी बच्चों के साथ हुई घटना की जानकारी दी. वहीं जब तक हम स्कूल पहुंचे, तब तक वो बंद हो चुका था.

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टीचर और स्कूल स्टाफ़ ने अपने सफ़ाई पेश करते हुए, इसे स्वच्छता अभियान का हिस्सा बताया. डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने कहा, 'हमने DPC को सर्व शिक्षा अभियान के तहत इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं.'

BRC, T R Karpentar ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के एक दल को जांच के लिए स्कूल भेजा था, लेकिन रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी. ऐसा लगता है कि अभिवावकों के बयान को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने ख़ुद स्कूल जाकर जांच की बात कही.
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ख़ैर सच और झूठ का पता, तो जांच के बाद ही चलेगा. लेकिन मास्टर साहब हम इतना ज़रूर कह सकते हैं कि बिना चिंगारी के धुंआ कहां उठता है?

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