आपने दुनिया में कई चीज़ों को बिकते देखा होगा. किसी का घर, किसी की ज़मीन, किसी की गाड़ी और किसी का ईमान, पर एक आदमी ने ऐसी चीज़ बेच दी, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. टिम स्टीनर नाम के एक शख्स ने एक कला-प्रेमी को अपनी पीठ पर बना हुआ टैटू बेच दिया है, अब वो चाहे तो मरने के बाद बाद टिम की पीठ की खाल को निकलवा भी सकता है. टिम ने करीब दस साल पहले बेल्ज़ियम के मशहूर टैटू आर्टिस्ट विम डेलवोए से पीठ पर एक टैटू बनवाया था. विम सुअरों की विवादित चित्र बनाने के लिए काफ़ी चर्चित रहे हैं.

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दरअसल, ये टैटू मेक्सिकन स्टाइल में बनाया गया था, जिसमें एक खोपड़ी और गुलाब था और इसके बीच में कमल के फूलों से खेलते हुए बच्चे दिखाए गये थे. ये टैटू किसी चित्रकारी से कम नहीं था, पर इसकी ख़ासियत थी कि इसे कैनवास पर नहीं बनाकर किसी इन्सान की त्वचा पर बनाया गया था. इस टैटू को बनाने में तकरीबन 40 घंटों का समय लगा था. इस टैटू को टिम ने जर्मनी के रिक रेनकिंग को बेच दिया था. टिम को रकम का 40 फ़ीसदी हिस्सा मिला था, अब इस टैटू के ख़रीददार आर्ट गैलरियों में इसका प्रदर्शन करते हैं. टिम को वहां शर्ट उतारकर खड़े रहना पड़ता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि ये सिलसिला टिम की मौत के बाद भी खत्म नहीं होगा और सौदे की एक शर्त के अनुसार, मरने के बाद टिम की खाल निकाल ली जाएगी. फिर खाल के जिस हिस्से पर वो टैटू बना है, उसे फ्रेम किया जाएगा और उसे आर्ट गैलेरीज़ में प्रदर्शित किया जायेगा.

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टिम का कहना है कि ये टैटू जो मेरी पीठ पर है, ये अब रिक का हो चुका है, मैं तो इसे लेकर ऐसे ही इधर-उधर घूमता रहता हूं. कभी-कभी ऐसा लगता है कि मेरी पीठ कोई कैनवास है और मैं इसका अस्थायी फ्रेम हूं. ये बहुत पहले से ही चलन में है, जापान में ऐसा बहुत बार किया जा चुका है.

टिम को अफ़सोस है कि टैटू बनाने वाले इतने शानदार कलाकार होते हैं, फिर भी उनकी कला को दुनिया में स्थान प्राप्त नहीं है. कई लोगों को लगता है कि कैनवास पर ब्रश घुमाने से शरीर पर सुई चुभाना बहुत मुश्किल है.

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