नंदिता दास की फ़िल्म 'मंटो' कान्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल में भारतीय सिनेमा की झंडाबरदार है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी इमसें मुख्य किरदार में नज़र आएंगे. फ़ेस्टिवल में कल इस फ़िल्म की स्क्रिनिंग हुई. ख़बरें आ रही हैं कि कान्स में इसे लोगों से सराहना मिल रही है.

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नंदिता दास का कहना है कि उन्होंने इस फ़िल्म को एक मक़सद के तहत बनाया है. ये फ़िल्म उर्दू लेखक सादत हसन मंटो के जीवन पर आधारित है, जिन्हें उनकी बेबाक और निडर लेखनी की वजह से जाना जाता था. उन्होंने अपनी कहानियों में भारत के बंटवारे के बाद के दर्द को जस का तस लिख दिया था.

कान्स में 'मंटो' दिखाए जाने के बाद सेंटर स्टेज पर नंदिता दास और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के अलावा 19 लोग मौजूद थे. नवाज़ुद्दीन ने कहा कि ये फ़िल्म लोगों की सोच पर चोट करेगी, नंदिता दास ने कहा कि फ़िल्म ख़त्म होने के बाद भी कुछ देर तक लोग अपनी सीट पर बैठे रहे.

नंदिता दास ने न्यूज़ एजेंसी IANS से बातचीत में कहा, 'इस फ़िल्म का बनना एक चमत्कार जैसा है. कान्स में कुछ लोग फ़िल्म देखने के बाद अपनी सीट नहीं छोड़ पाए थे, वो उस अनुभव में डूब गए थे. कुछ लोग चुप-चाप फ़िल्म के बीच से निकल गए थे क्योंकि वो अपने अनुभवों को झूठलाना नहीं चाहते थे. 6 साल तक लगातार काम और चुनौतियों के बाद हमने इस शिखर को पाया है.'
नवाज़ुद्दीन ने कहा, 'दर्शकों में मैंने कुछ लोगों को रोते हुए देखा, कुछ लोग थे जिनके चेहरे पर बाहर निकलते वक़्त संतुष्टी का भाव था. और जो फ़िल्म के बारे में सबसे अच्छी बात मुझे लगी, वो ये कि इसने लोगों की सोच पर गहरा प्रहार किया है. कई लोग मेरे पास आए और कहा कि ये फ़िल्म सही समय पर बनाई गई है.'

अगर आपने अभी तक 'मंटो' का ट्रेलर नहीं देखा, तो यहां देख सकते हैं.

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