नंदिता दास की महत्वकांक्षी फ़िल्म 'मंटो' का टीज़र आ गया है. जैसा सबको पता था, नवाजु़द्दीन सिद्दकी विवादित लेखक 'सआदत हसन मंटो' का किरदार निभा रहे हैं. एक मिनट सत्ताइस सेकेंड का ये टीज़र आपको मंटो की एक झलक दिखाता है. जिससे मंटो के व्यक्तित्व से अंजान इंसान भी मंटो को लेकर कुछ धारणाएं बना लेगा. मंटो को लेकर बनाई गई किसी सतही धारणा में भी ये तीन शब्द ज़रूर होंगे.- बेबाक, बदहाल और अपनी कहानियों के लिए जीने वाला.

सआदत हसन मंटो की लेखनी के बारे में कहा जाता था कि वो अपने समय से आगे की बातों को लिखते हैं, आज का समाज मंटो को समझ नहीं सकता. मैं कहता हूं वर्तमान समाज ने भी ज़हीनी तौर पर इतनी तरक्की नहीं की है कि वो मंटो को समझ सके. मंटो तब भी अश्लील थे, अब भी अश्लील हैं. खैर, मंटो ने अपने बारे में एक बात कही थी,'ऐसा होना मुमकिन है कि 'सआदत हसन' मर जाए और 'मंटो' ज़िंदा रहे.'

अब मंटो का टीज़र देखिए...