स्कूल का पहला दिन, ये वाक्य सुनते ही हमारे चेहरे पर मुस्कान और आंखों के सामने कई सारी यादें आ जाती हैं. हर किसी की ज़िन्दगी में स्कूल के दिनों की कुछ खट्टी और कुछ मीठी यादें होती हैं. हम लोग अक्सर अपनी इन यादों को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और पेरेंट्स के साथ शेयर करते हैं. लेकिन कई बार हम बहुत कुछ छुपाते भी हैं, जो सीक्रेट्स की तरह हमारे जेहन में किसी कोने में रहते हैं. दोस्तों कुछ दिनों पहले हम आपके लिए एक ऐसे लड़के का सीक्रेट लेकर आये थे, जो उसने अपने पेरेंट्स से छुपाया था, लेकिन वो सीक्रेट जानने के बाद उसके पेरेंट्स के साथ साथ आप लोगों को भी उस पर गर्व हुआ होगा. ऐसा ही एक सीक्रेट हम और लेकर आये हैं. ये एक लड़की का सीक्रेट है, जो उसने अपने पेरेंट्स से छुपाया है. इनका नाम Marie Stein है, जो अमेरिका की Brown University में पढ़ाई कर रही हैं. इन्होने भी अपना सीक्रेट सवाल-जवाब की वेबसाइट quora पर अपने नाम के साथ शेयर किया.

आइये अब जानते हैं कि Marie Stein ने अपनी पोस्ट में कौन सा सीक्रेट शेयर किया है:

Marie लिखती हैं,

आज मुझे अपने बचपन की बहुत सी बातें याद आ गयीं, मुझे याद है अपने स्कूल का वो पहला दिन जब में 5 साल की थी और मुझे महसूस हुआ क मेरी लाइफ़ की कई सारे ऐसे सीक्रेट्स हैं, जो मैं कभी भी अपने माता-पिता के साथ शेयर नहीं कर सकती थी और शायद इसलिए लिए मैंने कभी उनको कुछ भी नहीं बताया.

मुझे आज भी वो दिन याद है, जब मैं हाई स्कूल में थी और एक दिन मेरी मां कार ड्राइव कर रहीं थीं, मैं उनकी बगल वाली सीट पर बैठी थी और उन्होंने एक बात को लेकर मुझे बहुत ज़्यादा गुस्सा दिला दिया. लेकिन मैं अपना गुस्सा दिखा नहीं पा रही थी, इसलिए गुस्से में मैंने उन सभी बुरी चीज़ो और कामों के बारे में उनको बताया, जो मैंने किये थे. मैंने बोला कि मैं सिगरेट पीती हूं, मैं ड्रिंक भी करती हूं,...आदि. तभी रेड लाइट हो गई और मेरी मां ने मेरी तरफ देखते हुए कहा, 'नहीं तुम ने ये सब नहीं किया है, मुझे पता है.' पागल मत बनो, बहुत ही बेहुदा मज़ाक है ये.' उस टाइम बस हमारी यही बात हुई.

आज मेरे पेरेंट्स इस दुनिया में नहीं हैं. मुझे उस समय नहीं लगता था कि उन्हें बहुत सारी बातों को जानने की ज़रूरत है. लेकिन आज मैं बताना चाहती हूं कि मैंने अपनी मां को कभी नहीं बताया कि उनकी अनुपस्थिति में उनके घर में हुई हर तोड़-फोड़ मैंने और मेरे दोस्तों ने की थी. हम उनकी अनुपस्थिति में घर में पार्टी करते थे, मेरे दोस्तों ने ही घर की हर खिड़की के शीशे जानकर तोड़े थे. इतना ही नहीं हमने लिविंग रूम में फ़ायर कैंप भी लगाया था, जिसके लिए मैंने पापा द्वारा लायी हुई क़ीमती शो-पीसेज़ को घर के बाहर गार्डन में फेंक दिया था. इसके अलावा घर को खराब करने के लिए हमने दीवारों पर नुकीली चीज़ों से मां और पापा के नाम भी लिखे थे. लेकिन मैं हमेशा से सोचती थी कि मेरे माता-पिता अपने सारे सीक्रेट मुझसे शेयर करें, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ. मुझे ख़ुशी है कि कम से कम मैंने अपने बातें उनके शेयर तो कीं, और मैं उनसे ज़्यादा बुद्धिमान हो गयी हूं,

मुझे दुःख इस बात का है कि मेरी इन बद्तमीज़ियों को जानने के बाद कोई मुझे डांटने वाला नहीं है. मैं चाहती हूं कि वो आकर मुझे डांटें. मेरी गलतियों को सुधारें. मगर अब कुछ नहीं हो सकता क्योंकि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं कि मेरी इन कमियों को दूर करें.

मां-पापा मैं आप दोनों को बहुत मिस करती हूं. और हमेशा सोचती हूं कि काश वो पल एक बार फिर से मेरी ज़िन्दगी में आये और मैं अपनी उन गलतियों को सुधार सकूं और अपने माता-पिता को और करीब से जान सकूं.