गणित की दुनिया का प्रतिष्ठित सम्मान 'फ़ील्ड्स मेडल' जीतने वाली पहली और अकेली महिला गणितज्ञ, मरियम मिर्ज़ाखानी का कैंसर की वजह से अमेरिका के एक अस्पताल में निधन हो गया. मरियम ईरानी-अमेरिकी मूल की थीं. वो स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में गणित की प्रोफ़ेसर के तौर पर काम कर रही थीं.

उनका जन्म तेहरान में हुआ था और वो वह महज़ 40 वर्ष की थीं. वो चार साल से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं. वर्ष 2014 में मरियम ने फ़ील्ड्स मेडल जीता था, जो एक गणितज्ञ के लिए नोबल पुरस्कार के समान होता है. उन्हें यह पुरस्कार इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ़ मैथमैटिशयन्स ने दिया था.

1977 में जन्मीं मरियम, क्रांति के बाद वाले ईरान के माहौल में पली-पढ़ीं. उन्होंने किशोरावस्था में ही इंटरनेशनल मैथेमैटिकल ओलंपियाड में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे और साल 2004 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की थी.

Source: Theiranproject

मरियम को Complex Geometry और Dynamic Systems पर किये गए काम के लिए जाना जाता था. मरियम पहले एक लेखिका बनना चाहती थीं, लेकिन फिर उनका रुझान गणित की तरफ हो गया. उनकी शादी Jan Vondrák से हुई थी और उनकी Anahita नाम की एक बेटी भी है.

ईरान के विदेश मंत्री Mohammad Javad Zarif ने इस दुखद ख़बर पर कहा कि मरियम की मृत्यु हर ईरानी के लिए दुःख का समाचार है.